केरल में 3 दिन तक मिट्टी में दबी रही मां और दो बच्चे (इमेज-X.com)
Kerala Mother Dog Rescue: केरलम से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल भर दिया. भारी बारिश के बाद राज्य के एक इलाके में हल्का भूस्खलन हुआ. बारिश थमने के बाद आसपास के लोगों को कहीं से एक बहुत धीमी सी, लगातार कूं-कूं की आवाज सुनाई दे रही थी.
शुरुआत में लोग समझ नहीं पाए कि आखिर यह आवाज कहां से आ रही है, लेकिन जब यह आवाज थमी नहीं तो कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाकर उस जगह की मिट्टी हटानी शुरू की. जैसे-जैसे मिट्टी हटती गई, जो नजारा सामने आया उसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया.
मिट्टी के अंदर एक मां कुतिया अपने दो पिल्लों के साथ पूरी तरह फंसी हुई थी. तीनों करीब तीन दिन से बिना खाए-पिए वहीं मिट्टी के नीचे दबे हुए थे. बच्चे ठंड और डर से कांप रहे थे, वहीं मां खुद इतनी कमजोर हो चुकी थी कि हिल तक नहीं पा रही थी. फिर भी उसने तीन दिन तक अपने बच्चों का साथ नहीं छोड़ा था.
करीब तीन दिन तक…
मिट्टी के नीचे दबी रही एक मां और उसके दो नन्हे बच्चे…💔
केरलम में भारी बारिश के बाद एक जगह हल्का भूस्खलन हुआ। आसपास के लोगों को कहीं से बहुत धीमी-सी कूं-कूं की आवाज सुनाई दे रही थी।
बारिश थम गई, लेकिन आवाज बंद नहीं हुई।
लोगों ने हिम्मत करके उस जगह की… pic.twitter.com/fgIf6Zgdic
— Mr. Mishra (@MrMishra) September 5, 2026
मां की आंखों से बहने लगे आंसू
लोगों ने बिना देर किए तीनों को सावधानी से बाहर निकाला गया. बच्चों के नन्हे शरीर से मिट्टी साफ की गई, तौलिए से उन्हें पोंछा गया और कपड़े में लपेटकर थोड़ी गर्माहट देने की कोशिश की गई.
फिर वह पल आया, जब मां की आंखों से आंसू बहने लगे. वह अपने बच्चों के बिल्कुल करीब खड़ी होकर बस उन्हें एकटक देखती रही, मानो तीन दिनों की उस घुटन, डर और तकलीफ के बाद आखिरकार उसे यकीन हो गया हो कि अब उसके बच्चे सुरक्षित हैं.
मुश्किल घड़ी में भी नहीं छोड़ा बच्चों का हाथ
उसके आंसुओं में जहां दर्द था लेकिन उसे अपने बच्चों के बच जाने की बहुत खुशी थी. उस मां ने सबसे मुश्किल घड़ी में भी अपने बच्चों का साथ नहीं छोड़ा.
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इसके बाद स्थानीय लोगों ने वहीं तीनों के लिए एक छोटा-सा अस्थायी आशियाना तैयार किया, उन्हें खाना-पानी दिया और आगे की बारिश से बचाने का पूरा इंतजाम किया. कभी-कभी किसी की जान बचाने के लिए बहुत बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बस चाहिए होता है किसी की छोटी-सी पुकार को ध्यान से सुनने वाला एक संवेदनशील इंसान.
-भारत एक्सप्रेस
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