पैरोल और फरलो: कानून या विशेषाधिकार?
भारत में कानून की समानता का सिद्धांत संविधान का एक आधारभूत तत्व है. संविधान का अनुच्छेद 14 स्पष्ट रूप से कहता है कि कानून के समक्ष सभी समान हैं. लेकिन जब हम समाज के प्रभावशाली और ताकतवर लोगों के व्यवहार को देखते हैं, तो यह सिद्धांत कई बार मजाक बनकर रह जाता है.
मानसून सत्र 2025: संसद में विपक्ष के तेवर तीखे, सरकार को घेरने के मूड में कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए संगठित और आक्रामक रणनीति बना रही है इसी को लेकर आज कांग्रेस सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की अहम बैठक की गई है.
अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव: एक अनोखी दुनिया
अंतरिक्ष स्टेशन पर समय केवल दृश्यों का आनंद लेने तक सीमित नहीं है. एक्सिओम-4 मिशन के दौरान शुभांशु और उनकी टीम ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें से सात भारत के थे.
लाइलाज बीमारी डीएमडी से जूझते बच्चे
डीएमडी के बारे में भारत में जागरूकता का अभाव भी एक बड़ी समस्या है. बहुत कम लोग इस बीमारी को समझते हैं, जिसके कारण मरीजों और उनके परिवारों को सामाजिक समर्थन नहीं मिल पाता.
भारत की आय में वृद्धि: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित, जनता द्वारा नेतृत्व
2013 में भारत में 2.1 करोड़ डीमैट खाते थे. 2025 तक यह संख्या 18.5 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है. खुदरा निवेशकों की भागीदारी सिर्फ़ 1 करोड़ लोगों से बढ़कर 11 करोड़ से ज़्यादा हो गई है. एक दशक में 11 गुना उछाल है.
Israel Iran War: थोपा गया युद्ध, शांति की गुहार और मुनाफ़े की मंडी में मानवता की मौत
इस संघर्ष का सबसे क्रूर पहलू वह है, जो बमों और मिसाइलों से नहीं, बल्कि निवेश और व्यापार के आकड़ों से झलकता है. गाज़ा की जलती ज़मीन पर गिरता हर बम, कहीं न कहीं उस निवेश से जुड़ा है जिसे मुस्लिम दुनिया की पूंजी ने सींचा है.
युद्ध नहीं, संवाद हो समाधान: वैश्विक संघर्षों पर मानवीय दृष्टिकोण
पिछले दो वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में जो युद्ध और संघर्ष देखने को मिले, उन्होंने न केवल कूटनीतिक विफलताओं को उजागर किया, बल्कि मानवता के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं.
वायरल और प्रसिद्ध होने के लिए कुछ भी! – रजनीश कपूर
सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ ने कई लोगों को गलत रास्ते पर धकेल दिया है। कुछ लोग त्वरित प्रसिद्धि के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील व्यवहार, अभद्र भाषा, अनुचित कपड़े या आपत्तिजनक हरकतें करते हैं और इसे रिकॉर्ड करके ऑनलाइन डाल देते हैं।
भारत की विशाल जनसंख्या कैसे बने वरदान?
चीन ने 1980 और 1990 के दशक में अपने जनसांख्यिकीय लाभांश को प्रभावी ढंग से उपयोग करके आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर कदम रखा.
राजनीति में अपशब्दों का बढ़ता प्रचलन !
लोकतंत्र का गुण यह है कि ये जनता की भागीदारी, स्वतंत्र अभिव्यक्ति और विचारों के खुले आदान-प्रदान का मौक़ा देता है. भारत का संविधान, विशेष रूप से अनुच्छेद 19, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है.





