Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

रजनीश कपूर, वरिष्ठ पत्रकार




भारत एक्सप्रेस


अमेरिका में बजट फेल होने पर 'शटडाउन' से सरकारी कामकाज ठप हो जाता है. भारत में, वित्त विधेयक पास न होने पर सरकार गिर जाती है, इसलिए यहां प्रशासनिक गतिरोध नहीं आता और किसी तरह से 'शटडाउन' संभव नहीं है.

अमेरिका में ‘शटडाउन’ से सरकारी सेवाएँ ठप हो गईं, लाखों कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे. कुछ लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में ऐसी स्थिति आ सकती हैं? हमें यह समझना जरूरी है कि केंद्रीकृत बजट प्रणाली और संवैधानिक प्रावधान स्थिरता सुनिश्चित करते हैं.

NYPD Facial Recognition: अमेरिकी पुलिस की निगरानी प्रणाली फेशियल रिकग्निशन, ड्रोन और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित है, जो अपराध कम कर सकती है, लेकिन गोपनीयता पर सवाल उठाती है.

भारतीय नौकरशाही में गोपनीयता की शपथ का महत्व और रिटायर नौकरशाहों द्वारा संवेदनशील जानकारी उजागर करने पर उठते नैतिक व कानूनी सवाल.

गुरुग्राम में हर साल बरसात के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है. अनियोजित शहरीकरण, सरकारी विभागों की लापरवाही और जवाबदेही के अभाव ने ‘मिलेनियम सिटी’ की छवि को धूमिल कर दिया है. समाधान क्या है और दोषी कौन?

आज के डिजिटल युग में, जहां सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने सूचना के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है, ज्योतिष भी इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन गया है. यूट्यूब, इंस्टाग्राम, और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर ज्योतिष से संबंधित वीडियो की बाढ़ सी आ गई है.

भारत में कॉफी और चाय सिर्फ पेय नहीं, बल्कि जीवनशैली और संस्कृति का हिस्सा हैं. लेकिन हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कॉफी पाउडर में कॉकरोच जैसे कीड़ों की मिलावट पाई जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीर मानते हुए आदेश दिया है कि छह से आठ सप्ताह के भीतर सभी कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेज कर उनका टीकाकरण और नसबंदी किया जाए.

भारत में कानून की समानता का सिद्धांत संविधान का एक आधारभूत तत्व है. संविधान का अनुच्छेद 14 स्पष्ट रूप से कहता है कि कानून के समक्ष सभी समान हैं. लेकिन जब हम समाज के प्रभावशाली और ताकतवर लोगों के व्यवहार को देखते हैं, तो यह सिद्धांत कई बार मजाक बनकर रह जाता है.

भारत में विमान हादसों के बाद डीजीसीए की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. क्या केवल पायलट की गलती जिम्मेदार होती है या डीजीसीए की लापरवाही भी बड़ा कारण है? जानिए पूरी सच्चाई इस विशेष रिपोर्ट में.