विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
सिर्फ नक्शा या जमीन का टुकड़ा नहीं… जानिए आखिर क्या है ‘भारत’ की असली परिभाषा?
15 अगस्त सिर्फ आजादी का जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि यह सोचने का अवसर भी है कि आखिर ‘भारत’ है क्या. क्या भारत केवल एक भौगोलिक सीमा का नाम है, या फिर इसके पीछे हजारों वर्षों की कोई ऐसी विचार-यात्रा है, जिसने समय के साथ इसे आकार दिया?
‘मॉडर्न इंडिया’ के मशहूर लेखक और इतिहासकार प्रो. सुमित सरकार का दिल्ली में निधन, 87 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
प्रख्यात इतिहासकार और मार्क्सवादी विद्वान प्रो. सुमित सरकार का 87 वर्ष की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया. उनकी चर्चित किताबों और लंबे अकादमिक जीवन ने कई पीढ़ियों के छात्रों और शोधार्थियों को प्रभावित किया.
जिन्ना के ’14 सूत्र’ और अंग्रेजों का खेल: जानिए कैसे एक मांग धीरे-धीरे बन गई अलग देश ‘पाकिस्तान’
पाकिस्तान का निर्माण 1947 की अचानक घटी घटना नहीं थी. 1857 के गदर, अंग्रेजों की नीति, मुस्लिम लीग के गठन और 1937 के चुनावों ने कैसे भारत विभाजन की जमीन तैयार की, जानिए पूरी कहानी.
‘स्टीफन हॉकिंग वाली लीग में शामिल हुए भारतीय वैज्ञानिक’ प्रो. दीपक धर को मिला सैद्धांतिक भौतिकी का सर्वोच्च डिराक मेडल
भारतीय भौतिक विज्ञानी प्रो. दीपक धर को सांख्यिकीय यांत्रिकी में योगदान के लिए 2026 का डिराक मेडल मिला है. बोल्ट्जमैन मेडल और पद्म भूषण से सम्मानित प्रो. धर की पूरी प्रेरक कहानी.
‘पति गंवाया, बेटा खोया… फिर भी बनीं मालवा की महारानी’ जानिए क्यों आज भी पूजी जाती हैं ‘लोकमाता’ अहिल्याबाई
अहिल्याबाई होल्कर ने पति और पुत्र के निधन के बाद भी हार न मानते हुए मालवा पर ऐतिहासिक शासन किया. काशी विश्वनाथ समेत देश भर के मंदिरों का जीर्णोद्धार कराने वाली 'लोकमाता' की प्रेरक गाथा.
कटघरे से इंकलाब; जब अदालतें बनीं अंग्रेजों के खिलाफ जंग का मैदान, पढ़िए आज़ादी की अनकही कहानी
भारत की आजादी की लड़ाई सिर्फ सड़कों, जेलों और मैदानों तक सीमित नहीं थी. अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक मोर्चा अदालतों में भी खुला था.
पाकिस्तान से भी बड़ा खतरा थीं रियासतें? 1947 के वो 21 दिन, जब बिखर सकता था भारत
Princely States of India 1947: जोसी जोसेफ की किताब Birth of a Nation बताती है कि 1947 में 560 से ज्यादा रियासतों के एकीकरण की चुनौती कितनी बड़ी थी और सरदार पटेल ने भारत को विखंडन से कैसे बचाया.
क्या कभी भारत का हिस्सा था दुबई और कुवैत? जानिए किस फैसले ने हमेशा के लिए बदल दी खाड़ी देशों की तस्वीर
कभी दुबई, अबू धाबी और कुवैत जैसे खाड़ी इलाके ब्रिटिश भारत की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े हुए थे और कई अहम फैसले दिल्ली से संचालित होते थे.
प्रिंसिपल को चिट्ठी लिखकर रोए, नौकरी छोड़ने की बनाई योजना… फिर कैसे ‘पुस्तकालय विज्ञान के जनक’ बने रंगनाथन?
Father of Library Science: गणित के प्रोफेसर से पुस्तकालय विज्ञान के जनक बनने वाले एस.आर. रंगनाथन का सफर आसान नहीं था. जानिए कैसे इंग्लैंड की एक यात्रा ने उनका मन बदला और उन्होंने भारत में लाइब्रेरी साइंस की नींव रखी.
बक्सर की जंग के बाद कैसे पलटा सत्ता का पासा? जानिए इलाहाबाद संधि की पूरी कहानी
12 अगस्त 1765 की इलाहाबाद की संधि भारतीय इतिहास का निर्णायक मोड़ साबित हुई. बक्सर की लड़ाई में जीत के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी हासिल हुई.





