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विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार




भारत एक्सप्रेस


19 अगस्त 1757 को कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना पहला रुपया ढाला था. प्लासी के युद्ध में जीत के बाद कंपनी को बंगाल में आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने का मौका मिला.

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर जॉन बर्जर की चर्चित किताब ‘देखने के तरीक़े’ हमें तस्वीरों को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपे नजरिए और अर्थ को समझने की सीख देती है.

कारगिल युद्ध के मास्टरमाइंड परवेज मुशर्रफ ने तख्तापलट कर 9 साल तक पाकिस्तान पर राज किया. बाद में देशद्रोह के केस और निर्वासित जीवन बिताते हुए 2023 में दुबई में उनका निधन हो गया.

18 अगस्त 1942 को गाजीपुर के शेरपुर गांव के आठ वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत की गोलियों का सामना करते हुए तिरंगा फहराया और देश की आजादी के लिए शहादत दी.

17 अगस्त 1947 को जब भारत और पाकिस्तान की सीमा रेखा सार्वजनिक हुई, तब आजादी की खुशी के बीच लाखों लोगों को अचानक अपनी नई हकीकत का सामना करना पड़ा.

आपातकाल के 50 साल बाद प्रियंवद की किताब ‘भारतीय लोकतंत्र का कोरस’ भारतीय लोकतंत्र की उस यात्रा को सामने रखती है, जिसमें आजादी के बाद के शुरुआती उत्साह से लेकर सत्ता के बढ़ते केंद्रीकरण तक की कहानी दर्ज है.

16 अगस्त 1781 को काशी (बनारस) में महाराज चेत सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया था। जानिए कैसे 1857 की क्रांति से 76 साल पहले वारेन हेस्टिंग्स को चुनार भागना पड़ा था।

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन आजादी के जश्न के ठीक दो दिन बाद सामने आई रेडक्लिफ रेखा ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी.

भारत और पाकिस्तान की आजादी की तारीख को लेकर अक्सर भ्रम रहता है. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के तहत दोनों देश 15 अगस्त 1947 से स्वतंत्र हुए थे, लेकिन पाकिस्तान ने बाद में 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस बना लिया.

1947 के विभाजन के दौरान भारत की तरह पाकिस्तान ने भी 13 प्रमुख रियासतों का अपने में विलय कराया. बहावलपुर से लेकर कलात और हुनजा-नगर तक, जानिए कैसे इन रियासतों ने पाकिस्तान का नक्शा तय किया.