विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
9/11 के 25 साल: वो दिन जब अमेरिका दहला, 2,977 जानें गईं और बदल गई पूरी दुनिया
September 11 2001 attack: 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों को 25 साल पूरे हो गए हैं. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए हमलों ने अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को बदल दिया. 25 साल बाद भी पीड़ितों की याद और इस त्रासदी का असर कायम है.
28 साल बाद इतिहास दोहराने को तैयार! एक ही दिन दो देशों में मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया
3 अक्टूबर 2026 को भारतीय क्रिकेट में एक बेहद अनोखा संयोग देखने को मिल सकता है. भारत की दो अलग-अलग टीमें एक ही दिन दो देशों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल सकती हैं.
AI के दौर में इंसान की सबसे बड़ी ताकत क्या है? नितिन सेठ की किताब देती है ये सूत्र
AI तेजी से हमारी जिंदगी और काम करने के तरीके को बदल रही है. ऐसे दौर में सवाल यह है कि मशीनों के बढ़ते प्रभाव के बीच इंसान की सबसे बड़ी ताकत क्या होगी? नितिन सेठ की किताब AI युग में मानवीय श्रेष्ठता इसी सवाल का जवाब तलाशती है.
झारखण्डे राय: जिसकी अर्थी भी चंदे से उठी, 7 बार सांसद रहे नेता ने सिद्धांतों के लिए छोड़ी मंत्री की कुर्सी
झारखण्डे राय ने आजादी के बाद गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर राजनीति की और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.
भारत में समय का इतिहास, वर्तमान IST व्यवस्था और बहस का विश्लेषण
भारत जैसे घनी आबादी, जटिल परिवहन नेटवर्क और केंद्रीकृत प्रशासन वाले देश में एक समय व्यवस्था प्रबंधन को आसान बनाती है. चीन भी एक ही टाइम जोन रखता है (हालांकि उसका विस्तार और भी बड़ा है). हाल के “One Nation, One Time” नियम इसी दिशा में मजबूती देते हैं.
जानिए आखिर कौन थे भारतेंदु हरिश्चंद्र, जिनकी रचनाएं आज भी हैं प्रासंगिक?
भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी साहित्य के उन साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य को समाज और देश की चिंताओं से जोड़ा है. 9 सितंबर 1850 को काशी में जन्मे भारतेंदु ने नाटक, कविता, पत्रकारिता और निबंध के माध्यम से अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं को आवाज दी.
Gen Z: सवाल पूछने वाली पीढ़ी जो समाज को बराबरी और समझदारी की ओर ले जा रही है
Gen Z सवाल पूछने और गहराई से समझने की आदत के साथ भारतीय समाज में नई सोच ला रही है. जाति और धर्म से परे यह पीढ़ी बराबरी, समझदारी और इंसानियत को प्राथमिकता देती है.
10 हजार करोड़ के कर्ज में ‘रिच डैड’ लेखक? जानिए रॉबर्ट कियोसाकी पर क्यों नहीं है इसका असर
रॉबर्ट कियोसाकी के करीब 1.2 अरब डॉलर यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के कर्ज ने सबका ध्यान खींचा है. कियोसाकी इसे ‘गुड डेट’ मानते हैं, लेकिन साथ ही बिना पर्याप्त वित्तीय समझ के भारी कर्ज लेने से लोगों को सावधान भी करते हैं.
जानिए कौन थे ‘मेरे भारत के कंठहार’ गीत को अमर करने वाले सत्यनारायण, जिन्होंने रची थी बिहार की पहचान
बिहार की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अपनी लेखनी से स्वर देने वाले वरिष्ठ कवि-गीतकार सत्यनारायण अब सिर्फ यादों में रह गए हैं. 13 सितंबर 1935 को भोजपुर जिले (तत्कालीन शाहाबाद) के कौलोडिहरी गांव में जन्मे कवि शिरोमणि सत्यनारायण कदमकुआं के घर की चहारदीवारी में पड़े-पड़े अकुलाता उनका मन सदा-सदा के लिए आजाद हो गया.
60 किमी का बांध, 10 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 1.33 लाख करोड़ की लागत; क्या है गुजरात की कल्पसर परियोजना?
Kalpasar Project Gujarat: गुजरात की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के तहत खंभात की खाड़ी में करीब 60 किलोमीटर लंबा डाइक बनाकर विशाल मीठे पानी का जलाशय तैयार करने की योजना है. क्या है इसका उद्देश्य. पढ़िए पूरी खबर







