Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार




भारत एक्सप्रेस


भारतीय फोटोग्राफी के दिग्गज रघु राय का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. 1965 में अपना करियर शुरू करने वाले राय ने भोपाल गैस त्रासदी से लेकर मदर टेरेसा के पोर्ट्रेट तक, भारत की हर महत्वपूर्ण घटना और संवेदना को अपने कैमरे में कैद किया.

भारतीय टीवी इतिहास में 25 अप्रैल 1982 का दिन बेहद खास माना जाता है, जब दूरदर्शन ने ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन प्रसारण की ओर कदम बढ़ाया.

राजीव कुमार का उपन्यास 'जहांआरा: पादशाह बेगम' मुगल शहजादी जहांआरा के त्याग, विद्वत्ता और राजनीतिक कौशल की कहानी है। यह किताब चांदनी चौक की वास्तुकार और सूफी मत की अनुयायी जहांआरा के व्यक्तित्व को एक नए नारीवादी दृष्टिकोण से पेश करती है.

वीर कुंवर सिंह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रेरणादायक नायकों में से एक थे. 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाए और बिहार सहित कई क्षेत्रों में छापामार युद्ध की रणनीति से उन्हें कड़ी टक्कर दी.

आज पृथ्वी दिवस के मौके पर हम चर्चा कर रहे हैं हार्वर्ड प्रोफेसर एंड्रयू एच. नोल की प्रसिद्ध पुस्तक 'पृथ्वी का संक्षिप्त इतिहास' (मंजुल प्रकाशन) की. यह किताब हमारे नीले ग्रह के 4.6 अरब वर्षों के उतार-चढ़ाव भरे सफर को महज कुछ पन्नों में समेटती है.

जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में 'सिंधु संवाद' का सफल आयोजन हुआ. परामर्शनीति फाउंडेशन और RLA की इस पहल में सिंधु नदी के सामरिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा हुई.

ईरान-अमेरिका संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता का दांव शांति के लिए है या स्वार्थ के लिए? इतिहास गवाह है कि उसकी भूमिका हमेशा रणनीतिक लाभ से प्रेरित रही है.

अनिमेष मुखर्जी की नई पुस्तक 'इतिहास की थाली' भोजन के माध्यम से भारत के सदियों पुराने इतिहास, व्यापार और सांस्कृतिक बदलावों को परत-दर-परत खोलती है. चाय के वैश्विक सफर से लेकर आलू-टमाटर के 'विदेशी' होने तक, ये किताब हमारी थाली का हर निवाला सत्ता, राजनीति और उपनिवेशवाद की गवाही देता है.

देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर समाजवादी विचारक, धारा के खिलाफ अटल संघर्ष करने वाले और ‘युवा तुर्क’ के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर की जन्मशती वर्ष की आज शुरुआत हो गई.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए हरिवंश जी को राज्यसभा के लिए नामित किया है. 4 दशक के पत्रकारिता अनुभव और 12 वर्षों के सफल संसदीय कार्यकाल (उपसभापति सहित) के बाद, उनका ये मनोनयन लोकतंत्र में 'विवेक और अनुभव' की महत्ता को दर्शाता है.