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विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार




भारत एक्सप्रेस


अमेरिका, रूस और चीन के साथ रिश्तों के बीच भारत के सामने रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है. मोदी की कूटनीति की असली परीक्षा यही होगी कि भारत महाशक्तियों के दबाव में आए बिना वैश्विक संतुलन को कितना प्रभावित कर पाता है.

31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय परिसर में हुए आत्मघाती बम धमाके में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी. जानिए कैसे रची गई थी इस हमले की साजिश.

आजादी के बाद भारत का नक्शा कभी एक जैसा नहीं रहा. रियासतों के विलय से शुरू हुई यह यात्रा भाषाई आंदोलनों, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राजनीतिक फैसलों के साथ लगातार बदलती गई. 31 अगस्त 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ.

31 अगस्त को विमुक्ति दिवस उन घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों की मुक्ति की याद में मनाया जाता है, जिन्हें ब्रिटिश शासन ने ‘जन्मजात अपराधी’ घोषित किया था.

नीति आयोग की रिपोर्ट और वित्त मंत्री के बयान ने देश की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. स्नातकों में 13% बेरोजगारी दर के बीच, रिपोर्ट चेतावनी देती है कि बिना कौशल-आधारित शिक्षा के 'विकसित भारत 2047' का सपना अधूरा रह जाएगा.

China Structural Challenges: चीन की अर्थव्यवस्था (Economy) धीमी पड़ रही है और जनसांख्यिकीय संकट गहराता जा रहा है.

मुगल इतिहास के सबसे बड़े त्रासदीपूर्ण अध्यायों में शुमार दारा शिकोह की पुण्यतिथि पर जानिए कैसे एक मुक्त-चिंतक शहजादे ने उपनिषदों को दुनिया के सामने रखा और औरंगजेब के हाथों अपनी जान गंवाई.

GLOBAL EDUCULTURE CONCLAVE 2026: नई दिल्ली के द अशोक होटल में लोकनायक जयप्रकाश राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'Global Educulture Conclave 2026' सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' और पद्मभूषण राम बहादुर राय सहित देश-विदेश के विद्वानों ने शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर गहन विमर्श किया.

कर्नाटक के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री और मूल्य-आधारित राजनीति के प्रतीक रामकृष्ण हेगड़े की 100वीं जयंती पर जानिए कैसे उन्होंने परिवार को सत्ता से दूर रखकर त्रिस्तरीय पंचायत राज और लोकायुक्त की नींव रखी थी.

Major Dhyan Chand National Sports Day: 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यान चंद की जयंती के मौके पर मनाया जाता है, जिन्होंने हॉकी में भारत को दुनिया की ताकत बनाया. लगातार तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे ध्यान चंद आज भी खेल, अनुशासन और राष्ट्र गौरव की मिसाल हैं.