विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
कोलकाता से लेकर केरल तक, हिंदी के जरिए क्षेत्रीय साहित्य और संस्कृति को समझने की अनूठी पहल
भारत जैसे बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र में एकता की सबसे मजबूत कड़ी भाषा और संस्कृति का सकारात्मक संवाद है. आज जब कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्त्व राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी विरोध को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए हिंदी को सेतु भाषा के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता और बढ़ गई है.
न फरमान, न थोपना! जानिए कैसे केरल की बसों और तमिलनाडु की गलियों में गूंजने लगी हिंदी?
South India Hindi History: दक्षिण भारत में हिंदी का प्रवेश किसी राजनीतिक फरमान से नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन, भक्ति साहित्य और व्यापारिक जरूरतों से हुआ. जानिए स्वतंत्रता संग्राम से लेकर दूरदर्शन के दौर तक दक्षिण में हिंदी के प्रसार की वास्तविक कहानी.
‘नई दुनिया और खुशी का पैमाना…’ मास्को में 150 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे DU के प्रोफेसर डॉ. मनीष
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मनीष कुमार चौधरी मास्को में आयोजित वर्ल्ड पब्लिक असेंबली में व्याख्यान देंगे. 150 देशों के प्रतिनिधियों के बीच वे खुशी और मानव कल्याण के सामाजिक-सांस्कृतिक पहलुओं पर भारतीय दृष्टिकोण रखेंगे.
वराह जयंती 2026: कब है भगवान विष्णु के तीसरे अवतार का यह पावन पर्व, जानें हिरण्याक्ष वध और पृथ्वी उद्धार की पूरी पौराणिक कथा
हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह भगवान की जयंती बड़े भक्तिभाव से मनाई जाती है. इस दिन का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि सृष्टि की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर अधर्म का नाश किया और धर्म तथा सत्य की पुनर्स्थापना का अमर संदेश दिया.
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की गूंज; भारत मंडपम में जुटा ग्लोबल साउथ, पश्चिम एशिया के तनाव पर फूटा ब्रिक्स का गुस्सा
नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 सदस्य देशों में से आठ के राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री शामिल हुए. हालांकि ब्राजील, सऊदी अरब और यूएई के शीर्ष नेता बैठक से दूर रहे और उनकी जगह वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
कमरे के कंप्यूटर से जेब तक, जानिए दुनिया की सबसे छोटी चिप ने कैसे बदली हमारी जिंदगी?
12 सितंबर 1958 को टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स की लैब में एक साधारण सी घटना ने आधुनिक डिजिटल युग की नींव रख दी. अमेरिकी इंजीनियर जैक एस. किल्बी ने अपने सहयोगियों और कंपनी के अधिकारियों के सामने दुनिया का पहला कामकाजी इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) प्रदर्शित किया. जर्मेनियम के एक छोटे स्लिवर पर बने इस सर्किट ने ऑसिलोस्कोप पर साइन वेव दिखाकर साबित कर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के सभी घटक (ट्रांजिस्टर, रेसिस्टर और कैपेसिटर) एक ही सेमीकंडक्टर सामग्री पर एकीकृत किए जा सकते हैं.
तीन घंटे के प्रसारण से खड़ा हुआ मीडिया साम्राज्य, जानिए कैसे सुभाष चंद्रा ने बदली टेलीविज़न की तस्वीर
1992 में जब भारत में टेलीविजन की दुनिया पर दूरदर्शन का लगभग पूरा दबदबा था, तब सुभाष चंद्रा ने महज तीन घंटे के प्रसारण से Zee TV की शुरुआत की.
BRICS से QUAD तक, भारत की नई रणनीति क्या है? गैर-गुटनिरपेक्षता से आगे बढ़ी रणनीतिक स्वायत्तता
बहुध्रुवीय होती वैश्विक व्यवस्था में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता विदेश नीति की अहम ताकत बनकर उभर रही है. BRICS, QUAD और पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के रिश्ते इस संतुलित दृष्टिकोण को दिखाते हैं.
Saragarhi Battle: 21 सिखों ने 10 हजार से ज्यादा दुश्मनों को चटाई धूल, जानें 12 सितंबर 1897 की वो अमर गाथा
12 सितंबर 1897 को Saragarhi Battle में 21 सिख सैनिकों ने भारी संख्या में मौजूद अफरीदी और ओरकजई कबाइलियों के खिलाफ आखिरी सांस तक मोर्चा संभाला. हवलदार ईशर सिंह और उनके साथियों का यह बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे चर्चित ‘Last Stand’ में गिना जाता है.
‘जो खुद पर शासन करे, वही विश्व पर राज करे’, जानिए आचार्य विनोबा भावे की प्रेरणादायक कहानी
आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर जानिए उस महान समाज सुधारक की कहानी, जिन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए भूदान आंदोलन के जरिए भूमिहीनों को जमीन दिलाने की मुहिम छेड़ी.







