दिव्य दरबार से कैंसर अस्पताल तक, क्या है बागेश्वर बाबा की लोकप्रियता का राज? नई किताब में लेखक ने साझा किए अनसुने संस्मरण
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के साधारण गांव गढ़ा से निकलकर करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय में विराजमान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह यात्रा, लेखक सचिन चौधरी के व्यक्तिगत अनुभवों से बुनी गई है.
पाकिस्तान ने जारी किया महर्षि पाणिनि पर स्मारक डाक टिकट, जानिए क्यों आज भी AI के दौर में प्रासंगिक हैं अष्टाध्यायी के सूत्र
पाकिस्तान सरकार ने प्राचीन भारत के महान भाषाविद् और व्याकरणशास्त्री महर्षि पाणिनि पर 75 रुपये का एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया है. वर्तमान पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जन्मे पाणिनि की अमर कृति 'अष्टाध्यायी' के सिद्धांत आज भी कंप्यूटर विज्ञान और AI में प्रासंगिक हैं.
18 महिने के सफर में 200 सालों की विरासत; आखिर क्यों जुगल किशोर ने बंद कर दिया देश का पहला हिंदी अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’?
साल 2026 हिंदी के पहले समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' के प्रकाशन के 200 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है. 30 मई 1826 को कलकत्ता से पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किया गया यह साप्ताहिक अखबार आर्थिक तंगी और ब्रिटिश सरकार की बेरुखी के कारण 18 महीने में ही बंद हो गया था.
सलमान रुश्दी का जन्मदिन और ‘आखिरी घड़ी’: जीवन की अंतिम सच्चाइयों की अनूठी पड़ताल
विश्व साहित्य के दिग्गज लेखक सलमान रुश्दी के जन्मदिन के अवसर पर उनकी नई कृति 'आखिरी घड़ी' चर्चा में है. पांच कहानियों के इस संग्रह में मृत्यु, विरासत, पहचान, विदाई और जीवन की अंतिम सच्चाइयों जैसे विषयों की गहन पड़ताल की गई है.
नारी शक्ति की मिसाल: जानिए कौन थीं गीता चंद्रा, जिन्होंने 1959 में पहली बार पैराशूट से कूदकर बदल दिया था देश का इतिहास
भारतीय वायुसेना की मेडिकल ऑफिसर गीता चंद्रा ने 17 जुलाई 1959 को डकोटा विमान से पहली सफल पैराशूट छलांग लगाकर इतिहास रचा था. वह भारत की पहली महिला पैराट्रूपर बनीं. रंगपुर में जन्मीं गीता ने उस दौर में पैरा-ट्रूपिंग की कठिन और जोखिमभरी ट्रेनिंग को चुना.
जल बिना कैसा होगा कल? ‘बहे सो गंगा’ में पत्रकार मंजीत ठाकुर ने दी उत्तर भारत को बड़ी चेतावनी
Bahe So Ganga Book Review: मंजीत ठाकुर की पुस्तक ‘बहे सो गंगा’ उत्तर भारत में बढ़ते जल संकट और नदियों के क्षरण पर केंद्रित है. पुस्तक गंगा, यमुना समेत कई नदियों की बिगड़ती स्थिति, प्रदूषण और अतिक्रमण के खतरों को उजागर करती है.
‘प्रख्यात गल्पकार’: वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन के कथित पूर्वाग्रहों और आधा सच की तीखी पड़ताल
वरिष्ठ पत्रकार उत्पल कुमार की नई पुस्तक 'प्रख्यात गल्पकार' (Eminent Distorians) ब्रिटिश काल से लेकर आधुनिक भारत तक के वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन में किए गए कथित बदलावों और चयनात्मक तथ्यों की तीखी समीक्षा करती है
भारत क्यों निशाने पर? पुस्तक – वैश्विक नैरेटिव युद्ध और आंतरिक चुनौतियों का प्रामाणिक दस्तावेज़
New Book on India: भारत के खिलाफ चल रहे नैरेटिव वॉरफेयर, इतिहास के विकृतीकरण, जनसांख्यिकीय चुनौतियों और हाइब्रिड युद्ध की पड़ताल करती है यह पुस्तक.
क्या वीआईपी अपराधियों के लिए जेल होटल बनते जा रहे हैं ?
गुरमीत राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल और जेल में विशेष सुविधाओं ने भारतीय न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या वीआईपी अपराधियों के लिए जेल अब होटल बन चुकी हैं?
मोबाइल कॉल के लिए देने पड़ते थे 24 रुपये! जानिए कैसे इंटरनेट ने बदली 140 करोड़ भारतीयों की किस्मत
World Telecommunication Day 2026: विश्व दूरसंचार दिवस के अवसर पर भारत की डिजिटल यात्रा का विश्लेषण. 1995 में पहली मोबाइल कॉल और VSNL के इंटरनेट से लेकर Jio, UPI और 'डिजिटल इंडिया' तक के सफर को सुबिमल भट्टाचार्जी की पुस्तक 'The Digital Decades' में बेहद बारीकी से दर्शाया गया है.







