बाजारवाद के मकड़जाल से ‘गौ-आधारित’ आत्मनिर्भरता की ओर: क्या ‘सकल घरेलू उल्लास’ बनेगा भारत का नया पैमाना?
GDP आधारित विकास मॉडल पर सवाल उठते हुए अब ‘सकल घरेलू उल्लास’ और गांव-केंद्रित अर्थव्यवस्था की चर्चा तेज हो रही है. गौ-आधारित आत्मनिर्भरता और मथुरा मॉडल को भारत के भविष्य के विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा है...
देविका रानी चौधरी: भारतीय सिनेमा की पहली नायिका
आज भारतीय सिनेमा की नींव रखने वाली महान अभिनेत्री देविका रानी की 118वीं जयंती है. लंदन में पढ़ाई, 'बॉम्बे टॉकीज' की स्थापना और पर्दे पर सामाजिक बेड़ियों को तोड़ने वाली देविका रानी का सफर बेहद साहसी रहा.
युद्ध के चलते दुनिया भर में ऊर्जा लॉकडाउन का डर!
विश्व ऊर्जा संकट के कगार पर है. अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से हॉर्मुज स्ट्रेट बंद, तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार चली गईं. भारत में ईंधन-बिजली पर दबाव, ‘ऊर्जा लॉकडाउन’ की आशंका पनपी. उधर, पाकिस्तान ईरान—अमेरिका में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है.
भारतीय रंगमंच की अनूठी दास्तान को बयां करता ‘मंच प्रवेश’: Book Review
27 मार्च को दुनिया भर में विश्व रंगमंच दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर राजकमल प्रकाशन से आई फैसल अलकाजी की किताब 'मंच प्रवेश' चर्चा के केंद्र में है.
फांसी के फंदे से ठीक पहले भगत सिंह के आखिरी शब्द; ‘मेरे भगत सिंह’ ने खोले अनछुए राज | Book Review
अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की 95वीं बरसी पर पंकज चतुर्वेदी की नई किताब ‘मेरे भगत सिंह’ चर्चा में है. यह किताब भगत सिंह को केवल एक क्रांतिकारी नायक के रूप में नहीं, बल्कि लाहौर के उस घर के एक लाडले बेटे और जेल की कोठरी में गहन दर्शन पर बहस करने वाले एक प्रखर विद्वान के रूप में पेश करती है.
बिहार दिवस पर विशेष: बिहार की बौद्धिक विरासत का जीवंत दस्तावेज है ‘नालंदा’
आज बिहार अपना स्थापना दिवस मना रहा है. इस अवसर पर पेंगुइन स्वदेश द्वारा प्रकाशित अभय के. की पुस्तक "नालंदा: विश्व चेतना का उद्गम स्थल" के जरिए जानिए उस महान विश्वविद्यालय के उत्थान, पतन और फिर से जीवित होने की पूरी कहानी.
‘पंख दिए आकाश न दोगे’; महाकवि कन्हैयालाल सेठिया की कविताओं में छिपी है आत्मनिर्भरता की गूंज | Book Review
आज विश्व कविता दिवस पर याद करते हैं राजस्थान के उस जनकवि को, जिनकी पंक्तियों में रेगिस्तान की तपन भी है और संवेदना की ठंडी छांव भी. पेंगुइन स्वदेश द्वारा प्रकाशित कन्हैयालाल सेठिया के प्रतिनिधि संग्रह 'पंख दिए आकाश न दोगे' की विशेष समीक्षा, जो हमें स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान सिखाती है.
रामावतार त्यागी जन्मशताब्दी: ‘तन समर्पित, मन समर्पित’ के रचयिता, सरल शब्दों में फूंकी राष्ट्रभक्ति की अलख
आज 17 मार्च 2026 को राष्ट्रकवि रामावतार त्यागी की 100वीं जयंती है. 'समर्पण' जैसी कालजयी कविता देने वाले त्यागी जी ने पत्रकारिता और बॉलीवुड में भी अपनी छाप छोड़ी. पढ़ें उनकी जीवन यात्रा.
अमेरिका की कूटनीति नहीं दादागिरी!
कोरिया से लेकर वेनेजुएला तक और वियतनाम से लेकर ईरान तक, क्या अमेरिका की विदेश नीति केवल 'झूठ और दादागिरी' पर टिकी है? सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने 1950 से लेकर 2026 तक के अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेपों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कैरियर पिजन सर्विस: संचार का प्राचीन तरीका
डिजिटल युग के शोर में भी ओडिशा पुलिस ने एक प्राचीन परंपरा को जीवित रखा है-'कैरियर पिजन सर्विस'. 1946 में शुरू हुई यह सेवा आज दुनिया की इकलौती पुलिस कबूतर सेवा है, जो तकनीक के दौर में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है.







