मणिकर्णिका घाट विवाद: शहरी विकास बनाम पुरातन धरोहर, क्या भारत अपने तीर्थ नगरों को बचा पाएगा?
काशी के मणिकर्णिका घाट पर उठा विवाद भारत के धार्मिक शहरों में विकास और धरोहर संरक्षण के टकराव को उजागर करता है. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गलत प्लानिंग ने आस्था, वास्तुकला और इतिहास तीनों को खतरे में डाल दिया है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: टैरिफ 50% से घटकर हुआ 18%, क्या कृषि सेक्टर पर मंडराया बड़ा खतरा?
India US Trade Deal tariff cut impact: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी टैरिफ 50% से घटकर 18% किए गए, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क शून्य करने का संकेत दिया. निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर पर भारी नुकसान का खतरा गहराया है.
मसालों के लिए महायुद्ध: दीव की लहरों पर पुर्तगालियों ने बदला इतिहास, 500 साल पहले ऐसे पड़ा था गुलामी का बीज
क्या आप जानते हैं कि भारत में यूरोपीय गुलामी की नींव एक 'मसाला युद्ध' से पड़ी थी? 3 फरवरी 1509 को दीव के तट पर लड़ी गई वह नौसैनिक जंग, जहाँ काली मिर्च और लौंग के व्यापार पर कब्जे के लिए दुनिया की महाशक्तियां आपस में भिड़ गई थीं.
बिहार की मिट्टी से जुड़ा पद्मश्री सम्मान, डॉ. गोपालजी त्रिवेदी बने मिसाल
बिहार के मुजफ्फरपुर से निकलकर कृषि विज्ञान में क्रांति लाने वाले डॉ. गोपालजी त्रिवेदी को 2026 के पद्मश्री से सम्मानित किया गया है. लीची की खेती के पुनर्जीवन से लेकर मखाना की वैज्ञानिक पैदावार तक, उनके नवाचारों ने लाखों किसानों की किस्मत बदली और बिहार की कृषि को वैश्विक पहचान दिलाई.
भारत-EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को कैसे प्रभावी बनाए सरकार?
India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आया है. यह निर्यात, निवेश और रोजगार बढ़ा सकता है, लेकिन कृषि, एमएसएमई और नीति-स्वायत्तता को लेकर जोखिम भी हैं.
सत्ता चलाने से लेकर विकास की नींव तक: लगभग 160 सालों में कितना बदला भारत का बजट । Explainer
हर साल बजट पेश होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बजट की शुरुआत कब और क्यों हुई? अंग्रेजों के दौर से लेकर आज के डिजिटल बजट तक, भारत के बजट ने सत्ता, नीति और आम आदमी की जिंदगी को कैसे प्रभावित किया.
केरल का ऐतिहासिक कदम : देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित बजट पेश
केरल ने देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से Elderly Budget पेश कर इतिहास रच दिया है. 2026-27 के बजट में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए Silver Economy और Care Economy को विकास की धुरी बनाया गया है.
शहीद दिवस 2026: कैसे शुरू हुई दो मिनट मौन की परंपरा
30 जनवरी को शहीद दिवस पर रखा जाने वाला दो मिनट का मौन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि है. जानिए कैसे फील्ड मार्शल के.एम. कारियप्पा के सुझाव और पंडित नेहरू की पहल से इस राष्ट्रीय परंपरा की शुरुआत हुई.
नोएडा में युवा टेकी की मौत: किसकी जिम्मेदारी?
नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने प्रशासनिक लापरवाही, निर्माण स्थलों की असुरक्षा और आपदा प्रबंधन की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम फेलियर का नतीजा माना जा रहा है, जिसकी जांच अब एसआईटी कर रही है.
Republic Day 1975: ना तालियां, ना रियायत, किरण बेदी ने हक से बदला इतिहास
26 साल की उम्र में किरण बेदी ने लिंगभेद के खिलाफ खड़े होकर इतिहास रच दिया. 26 जनवरी 1975 को उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस की पूरी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया और साबित कर दिया कि नेतृत्व जेंडर नहीं, हौसले से तय होता है.







