Maharashtra Municipal Election: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले ही सियासी तस्वीर साफ होने लगी है. नामांकन वापसी के आखिरी दिन एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने बिना चुनाव लड़े ही 69 में से 68 सीटों पर कब्जा जमा लिया है. इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरी है, जिसके 44 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. हालांकि, इस सियासी दांव-पेच के बीच सोलापुर में खूनी संघर्ष भी देखने को मिला.
सोलापुर में हिंसा और नागपुर में ‘हाउस अरेस्ट’ (Maharashtra Civic Polls)
नामांकन वापसी का दिन महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उथल-पुथल लेकर आया. सोलापुर में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कथित तौर पर भाजपा के दो गुट आपस में भिड़ गए, जिसमें एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई. पुलिस को स्थिति संभालने के लिए भारी बल प्रयोग करना पड़ा. वहीं, नागपुर में भाजपा के बागी उम्मीदवार किसान गावंडे को मनाने गए एमएलसी परिणय फुके के सामने ही समर्थकों ने गावंडे को घर में कैद कर लिया, ताकि वे नामांकन वापस न ले सकें.
- ‘निर्विरोध’ जीत का गणित (Maharashtra Nikay Chunav)
- 29 नगर निगमों में कुल 69 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं
- BJP: 44 सीटें (कल्याण में सबसे ज्यादा 15)
- शिवसेना (शिंदे गुट): 22 सीटें (ठाणे और कल्याण में दबदबा)
- NCP (अजित पवार): 2 सीटें (जलगांव)
- इस्लामिक पार्टी: 1 सीट (मालेगांव)
- बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत अन्य सीटों पर अब 15 जनवरी को मतदान होगा.
बागियों ने बढ़ाई धड़कनें
मुंबई में भाजपा नेतृत्व की तमाम कोशिशों के बावजूद वार्ड 60, 173, 205, 177 और 180 से 5 बागियों ने मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया है. नासिक में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. छत्रपति संभाजीनगर में भी पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां प्रशांत भदाणे-पाटिल ने आत्मदाह की कोशिश के बाद भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया.
ये भी पढ़ें: संगीत सोम को ‘मानसिक रोगी’ कहना पड़ा भारी! मुजफ्फरनगर में सपा जिलाध्यक्ष पर करणी सेना का हमला, थाने में बवाल
ठाकरे बंधुओं का जादू बेअसर
उद्धव और राज ठाकरे के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण रहा. दोनों भाई करीब 9 वार्डों में अपने बागियों को मनाने में नाकाम रहे. भिवंडी में तो ठाकरे गुटों के बीच गठबंधन ही टूट गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक दी है. वहीं, पनवेल में महा विकास अघाड़ी (MVA) के 7 उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ दिया, जिससे भाजपा को वॉकओवर मिल गया.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
