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भारत दुनिया में फास्ट पेमेंट में टॉप पर, UPI से हर महीने 18 अरब ट्राजैंक्शन

जून में UPI ने 18.39 अरब ट्राजैंक्शन के माध्यम से 24.03 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के पेमेंट किए. पिछले साल इसी महीने जब 13.88 अरब ट्राजैंक्शन हुए थे. सिर्फ एक साल में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

UPI

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा हाल ही में जारी एक नोट के अनुसार, भारत फास्ट पेमेंट में ग्लोबल लीडर बनकर उभरा है. इस बदलाव की वजह युनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा 2016 में लॉन्च किए गए UPI ने देश में लोगों के पैसे भेजने और प्राप्त करने के तरीके को बदल दिया है.

आप बस कुछ ही टैप से तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं या दोस्तों को पैसे भेज सकते हैं. इसकी लोकप्रियता इसके बढ़ते यूजर्स से पता चलता है. आज, UPI भारत में हर महीने 18 अरब से ज़्यादा ट्राजैंक्शन करता है.

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने रविवार को कहा, “इस बदलाव ने भारत को कैश और कार्ड-आधारित पेमेंट से दूर कर दिया है और इसे एक डिजिटल-प्रथम अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर किया है. लाखों व्यक्ति और छोटे व्यवसाय अब सुरक्षित और कम लागत वाले लेनदेन के लिए UPI पर निर्भर हैं. भुगतान को त्वरित और सुलभ बनाकर, UPI वित्तीय समावेशन का एक शक्तिशाली साधन बन गया है.”

जून में 24 लाख करोड़ रुपये का हुआ ट्राजैंक्शन

जून में UPI ने 18.39 अरब ट्राजैंक्शन के माध्यम से 24.03 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के पेमेंट किए. पिछले साल इसी महीने जब 13.88 अरब ट्राजैंक्शन हुए थे. सिर्फ एक साल में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

UPI सिस्टम अब 49.1 करोड़ व्यक्तियों और 6.5 करोड़ व्यापारियों को सेवा प्रदान करती है. यह 675 बैंकों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ता है, जिससे लोग बिना इस चिंता के आसानी से भुगतान कर सकते हैं कि वे किस बैंक का उपयोग कर रहे हैं.

आज, भारत में सभी डिजिटल ट्राजैंक्शन में UPI का योगदान 85 प्रतिशत है. इसका प्रभाव राष्ट्रीय सीमाओं से परे है, और यह वैश्विक रीयल-टाइम डिजिटल भुगतानों के लगभग 50 प्रतिशत को संचालित करता है.

सफलता की कहानी सिर्फ़ देश तक ही सीमित नहीं है

UPI अपनी उपस्थिति सीमाओं के पार भी दर्ज करा रहा है. यह संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में पहले से ही मौजूद है. फ्रांस में इसका प्रवेश एक मील का पत्थर है क्योंकि यह यूरोप में UPI का पहला कदम है. इससे वहां यात्रा करने वाले या रहने वाले भारतीयों को विदेशी ट्राजैंक्शन की सामान्य परेशानियों के बिना सहजता से भुगतान करने की सुविधा मिलती है.


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-भारत एक्सप्रेस



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