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भारतीय शेयर बाजार में जारी तेजी ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है. सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन के साथ निवेशकों की निगाहें अब ट्रंप की शपथ और Q3 परिणामों पर हैं, जो बाजार को नई दिशा देंगे. 

Wholesale Price Index: नवंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2024 में ईंधन और बिजली सूचकांक में 1.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. दिसंबर महीने के दौरान बिजली और कोयले की कीमत में क्रमश: 8.81 प्रतिशत और 0.07 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई.

Stock Market: विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अब अपनी वास्तविक कीमतों की ओर लौट रहा है. बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी ये बदलाव दिख रहा है.

भारतीय आईपीओ बाजार के लिए 2024 एक ऐतिहासिक वर्ष रहा, जिसमें 90 से अधिक कंपनियों ने सामूहिक रूप से 1.62 लाख करोड़ रुपये जुटाए.

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए एक साहसिक कदम उठाते हुए, अडानी समूह ने राज्य में अपने बिजली उत्पादन बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई है.

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का सेंटीमेंट लगातार नकारात्मक बना हुआ है और पिछले हफ्ते एफआईआई ने शेयर बाजार में 16,854 करोड़ रुपये की बिकवाली की है.

Mutual Fund SIP: विशेषज्ञों के अनुसार, SIP एक ऐसा तंत्र है जिसके जरिये आप अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बाजार के स्तर की चिंता किए बिना ज्यादातर सक्रिय आय से नियमित रूप से निवेश कर सकते हैं.

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग ने कहा है कि अगले 12 महीनों में भारतीय शेयर बाजार में 35 अरब डॉलर के आईपीओ आने की संभावना है. यह भारतीय इक्विटी बाजार की मजबूती को दर्शाता है.

रियल एस्टेट कंसल्टेंट CBRE ने एक रिपोर्ट में कहा कि इक्विटी निवेश में वृद्धि भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ रियल एस्टेट के सभी परिसंपत्ति वर्गों में विकास में हुई है.

2025 में 90 से अधिक कंपनियों ने आईपीओ के लिए ₹1 लाख करोड़ जुटाने का मसौदा दायर किया है, जो भारत में पूंजी जुटाने का रिकॉर्ड तोड़ सिलसिला जारी रखेगा. बीएसई सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने बताया कि कई कंपनियां पब्लिक होने की योजना बना रही हैं.