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राजा रघुवंशी की हत्या वाले दिन क्या-क्या हुआ? मेघालय पुलिस ने बताई वारदात की परत-दर-परत सच्चाई

पुलिस के अनुसार, सुबह 5:30 बजे शिप्रा होटल से राजा, सोनम (Sonam Raghuvanshi) और तीनों किलर (अज्ञात व्यक्ति) ने चेक आउट किया. सुबह 6:00 बजे सोनम और राजा ने चढ़ाई शुरू की.

Raja Raghuvanshi

राजा रघुवंशी मर्डर केस.

Raja Raghuvanshi Murder Case: इन दिनों देश में राजा रघुवंशी हत्याकांड चर्चा का विषय बनी हुई है. राजा की हत्या उसकी पत्नी सोनम (Sonam Raghuvanshi) ने रची थी. इस हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई सनसनीखेज खुलासे होते जा रहे हैं. हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी कड़ी सुरक्षा में यूपी के गाजीपुर से शिलांग लौट चुकी है. इस बीच हत्याकांड की जांच कर रही मेघालय पुलिस ने वारदात के दिन की पूरी टाइमलाइन साझा की है.

Sonam Raghuvanshi ने हत्यारों से की बात

पुलिस के अनुसार, सुबह 5:30 बजे शिप्रा होटल से राजा, सोनम (Sonam Raghuvanshi) और तीनों किलर (अज्ञात व्यक्ति) ने चेक आउट किया. सुबह 6:00 बजे सोनम और राजा ने चढ़ाई शुरू की. सोनम रास्ते में रुकी और किलर्स से बातचीत की, जिसमें राजा को भी शामिल किया. सुबह 7:00 बजे सोनम और राजा एक दुकान पर चाय पीने रुके, किलर भी आसपास थे. सुबह 10 बजे सोनम और राजा ने 2000 सीढ़ियां चढ़ीं. एक टूरिस्ट गाइड ने उन्हें तीन लड़कों ( किलर) के साथ देखा, जिसका बयान पुलिस ने दर्ज किया.

राजा की भी किलर्स से हुई दोस्ती

दोपहर 12 बजे राजा की किलर्स से दोस्ती हुई. सोनम पीछे चलने लगी, जबकि राजा और किलर आगे थे. दोपहर 12:30 बजे सोनम ने अपनी सास को फोन किया, चढ़ाई और थकान का जिक्र किया. दोपहर 1 से डेढ के बीच सोनम ने इशारा किया, और विशाल ( किलर) ने पहला वार किया. दोपहर 02:15 बजे सोनम ने राजा के फोन से एक पोस्ट किया, जिसमें दुख का जिक्र था, और फोन को खाई में फेंक दिया. दोपहर 2:30 बजे राजा की हत्या के बाद उसे खाई में फेंक दिया गया.

यह भी पढ़ें- अगर सुपारी किलर नहीं करते राजा रघुवंशी की हत्या, तो सोनम के पास तैयार था प्लान बी, जानें कैसे करती मर्डर

इस पूरे हत्याकांड के घटनाक्रम पर नजर डाले तो पता चलता है कि 23 मई को राजा रघुवंशी की हत्या हुई. 24 मई को राजा की पत्नी सोनम फरार हुई. 25 मई को इंदौर में राज कुशवाहा से मुलाकात की, फिर 9 जून उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सोनम ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने से पहले उसने अपने भाई से बात की. इस दौरान वह फूट-फूटकर रोने लगी. पुलिस को सूचना मिलने पर उसे गाजीपुर के एक ढाबे से हिरासत में लिया गया. 10 जून कोर्ट में पेशी हुई. जहां तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया गया. 11 जून को पटना होते हुए सोनम को शिलांग लाया गया. इस बीच सोनम का परिवार मेघालय पुलिस पर कहानी रचने का आरोप लगा रहा है. परिवार का मानना है कि सोनम ऐसा नहीं कर सकती है.

-भारत एक्सप्रेस



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