Bihar Student Scheme: अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण कई होनहार छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. लेकिन बिहार सरकार की कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं अब ऐसे युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रही हैं. खासकर उन छात्रों के लिए, जो आगे पढ़ना चाहते हैं लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में रुकावट बन जाती है.
इसी उद्देश्य को लेकर मोकामा के दरियापुर में एक जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष एवं मुखिया शैलेन्द्र प्रसाद ने की. इस दौरान जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की सहायक प्रबंधक कुमारी सौम्या ने छात्रों और युवाओं को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी.
डेढ़ सौ से अधिक छात्रों का हुआ पंजीकरण
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. यहां 150 से अधिक युवाओं का विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए पंजीकरण किया गया. साथ ही उन्हें आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी जानकारी भी विस्तार से समझाई गई.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से पूरी हो सकती है उच्च शिक्षा की राह
कार्यक्रम के दौरान बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को विशेष रूप से समझाया गया. इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब इस योजना पर लगने वाले ब्याज को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है.
पहले लड़कों को 4 प्रतिशत और लड़कियों को 1 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था लेकिन अब छात्रों को ब्याज की चिंता किए बिना अपनी पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा. इससे हजारों युवाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है.
बेरोजगार युवाओं के लिए भी मदद
सरकार की एक अन्य महत्वपूर्ण पहल बेरोजगारी भत्ता योजना भी है. इसके तहत इंटरमीडिएट या स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार की तलाश और आगे की पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहयोग देना है.
कौशल विकास पर भी विशेष जोर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केवल डिग्री ही नहीं बल्कि युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने पर भी सरकार ध्यान दे रही है. इसके लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण समेत कई तकनीकी और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इन कोर्सों का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है.
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण का यह संयुक्त मॉडल बिहार के युवाओं के लिए भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोल सकता है. ऐसे में जिन छात्रों की पढ़ाई केवल पैसों की कमी के कारण रुक रही थी, उनके लिए ये योजनाएं किसी बड़ी राहत से कम नहीं हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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