Agniveer Mega Plan: साल 2022 में जब ‘अग्निपथ योजना’ शुरू हुई थी, तब सबसे बड़ा सवाल यही था कि 4 साल बाद जब ये युवा फौज की वर्दी उतारेंगे, तो इनका भविष्य क्या होगा? अब वह समय नजदीक आ गया है. इस साल के आखिर तक अग्निवीरों का पहला बैच अपनी सेवा पूरी करने वाला है. ऐसे में हजारों युवाओं की धड़कनें तेज हैं कि अब आगे की राह क्या होगी. लेकिन अच्छी खबर यह है कि सरकार इन जांबाजों को खाली हाथ घर भेजने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
75 फीसदी युवाओं के लिए खुलेगा नया रास्ता
नियम के मुताबिक, पहले बैच के करीब 60 हजार युवाओं में से सिर्फ 25 प्रतिशत को ही सेना में परमानेंट रखा जाएगा. बाकी के 46 हजार अग्निवीर सेवा मुक्त कर दिए जाएंगे. इन युवाओं को पेंशन या ग्रेच्युटी तो नहीं मिलेगी, लेकिन केंद्र सरकार इनके करियर की दूसरी पारी शुरू करने के लिए एक बड़ा ‘राहत पैकेज’ तैयार कर रही है.
गृह मंत्रालय की गलियारों से छनकर आ रही खबरों की मानें तो, एक ऐसी नीति पर काम चल रहा है जो इन युवाओं के सैन्य अनुभव को बर्बाद नहीं होने देगी.
CAPF में मिल सकता है ‘बंपर डिस्काउंट’
अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय ने इसके लिए एक खास कमेटी बनाई है. योजना यह है कि बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) और सीआईएसएफ (CISF) जैसे अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी तक सीटें आरक्षित की जा सकती हैं.
इतना ही नहीं, चूंकि ये युवा पहले से ही कड़े सैन्य प्रशिक्षण से गुजर चुके हैं, इसलिए इन्हें उम्र सीमा में छूट और फिजिकल टेस्ट में बड़ी राहत देने पर विचार हो रहा है. सीधा सा मतलब यह है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद ये युवा अब देश की आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे.
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कब तक होगा आधिकारिक ऐलान?
राज्य सरकारें भी इस रेस में पीछे नहीं हैं. कई राज्यों ने पहले ही साफ कर दिया है कि पुलिस और होमगार्ड की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी. हाल ही में CISF प्रमुख के बयानों से भी संकेत मिले थे कि नेवी से आने वाले अग्निवीरों को कोस्टल सिक्योरिटी में लगाया जा सकता है. माना जा रहा है कि मार्च या अप्रैल 2026 तक सरकार इस पूरी पॉलिसी का आधिकारिक ऐलान कर देगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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