UGC NET 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध और UGC NET परीक्षा के तीन विषयों के दोबारा आयोजन के ऐलान के बीच केंद्र सरकार सख्त कदम उठा रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस दौरान परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए बुनियादी बदलावों के साथ कड़ी हिदायतें दी गईं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने NTA के अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा प्रक्रिया के ऑडिट और गोपनीय व्यवस्था में व्यापक सुधार के निर्देश दिए हैं. एजेंसी से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाकर साइबर सुरक्षा और साइकोमेट्रिक्स विशेषज्ञों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में होने वाली सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और गोपनीयता बनी रहे.
स्टाफ में बड़ा फेरबदल और विशेषज्ञों की एंट्री (Exam Security Protocols)
शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में NTA के भीतर चल रही सुधारात्मक प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई. बैठक में बताया गया कि बीते दिनों सामने आई अनियमितताओं के बाद एजेंसी से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है. पारदर्शी परीक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए 10 नए प्रमुख पदों पर साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न पत्र तैयार करने (पेपर सेटिंग) के लिए निजी क्षेत्र के शीर्ष विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
पेपर लीक रोकने को बनेगी नई गोपनीय व्यवस्था (Radhakrishnan Committee Recommendations)
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को NTA की समस्त परीक्षा प्रणाली का ऑडिट करने और सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. परीक्षा पत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने को कहा गया है. इसके तहत परीक्षा संचालन केंद्रों पर बायोमेट्रिक चेकिंग, सुरक्षित सर्वर रूम, अलग और पूरी तरह से सुरक्षित इंटरनेट सिस्टम के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जमा कराने की व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाएगा.
राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों पर अमल (NTA Examination Reforms)
NEET UG 2026 और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में सुरक्षा चूक के मामलों के बाद से ही NTA में बड़े प्रशासनिक बदलावों पर काम चल रहा था. इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा दी गई सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए एजेंसी की संरचनात्मक खामियों को दूर करना पहली प्राथमिकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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