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विधानसभा चुनाव 2026: क्या वोटिंग के पुराने रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे असम, केरल और पुड्डुचेरी? जानें आज के सियासी दंगल की बारीकी

सम, केरल और पुड्डुचेरी की 296 सीटों पर आज मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 1,899 उम्मीदवारों की साख दांव पर है, वहीं 2021 के मतदान रिकॉर्ड को तोड़ने की चुनौती भी सामने है. जानिए कहां महिलाओं का दबदबा है और कहां पिछली बार हुई थी सबसे कम वोटिंग.

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(AI IMAGE)

Assembly Election 2026: आज 9 अप्रैल है और देश के तीन कोनों- असम, केरल और पुड्डुचेरी में लोकतंत्र की सबसे बड़ी अदालत यानी चुनाव का दिन है. राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और हर गली-कूचे में सिर्फ एक ही चर्चा है कि इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा. ये चुनाव केवल सत्ता का खेल नहीं है, बल्कि कई दिग्गजों के लिए साख की लड़ाई भी है. जहां असम और पुड्डुचेरी में एनडीए (NDA) गठबंधन की साख दांव पर लगी है, वहीं केरल में माकपा के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) अपना किला बचाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है. आज शाम तक करीब 5.31 करोड़ मतदाता अपनी नई सरकार की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर देंगे. चुनाव आयोग ने भी इस भारी-भरकम प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए देशभर में 63,060 मतदान केंद्र तैयार किए हैं.

कुट्टियाडी सीट ने सबको था चौंकाया

सबसे पहले बात करते हैं दक्षिण के राज्य केरल की, जहां की 140 सीटों पर सियासी जंग काफी दिलचस्प हो चली है. इस बार के दंगल में 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. गौर करने वाली बात ये है कि केरल के 2.71 करोड़ मतदाताओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. राज्य में 1.39 करोड़ महिला मतदाता और 1.32 करोड़ पुरुष मतदाता हैं, जो ये तय करेंगे कि अगले पांच साल केरल की कमान किसके हाथ में होगी.

वहीं, अगर हम पिछले चुनाव यानी 2021 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस वक्त केरल में 75.75 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. पिछले चुनाव में कुट्टियाडी सीट ने सबको चौंकाते हुए सबसे ज्यादा 83.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया था, जबकि राजधानी तिरुवनंतपुरम की सीट पर सबसे कम 62.99 प्रतिशत वोट पड़े थे. अब देखना ये है कि क्या इस बार तिरुवनंतपुरम के लोग अपने घरों से बाहर निकलकर इस आंकड़े को सुधारते हैं या नहीं.

असम में परिसीमन के बाद पहला बड़ा मुकाबला

पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक है. नए सिरे से हुए परिसीमन और एसआईआर (SIR) लागू होने के बाद ये पहला बड़ा चुनाव है, इसलिए सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार मतदान का पुराना रिकॉर्ड टूटेगा. असम की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 2.50 करोड़ मतदाता करने वाले हैं. असम की राजनीति की एक खास बात ये है कि यहां पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है.

बता दें कि साल 2021 के चुनाव में असम के लोगों ने जमकर वोट डाले थे और 82.02 प्रतिशत की भारी वोटिंग दर्ज की गई थी. उस दौरान जलेश्वर सीट पर रिकॉर्ड 93.65 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो अपने आप में एक मिसाल था. वहीं, गुवाहाटी पूर्व की सीट पर सबसे कम 71.4 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस बार का उत्साह देखकर लग रहा है कि असम फिर से एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है.

पुड्डुचेरी में महिलाओं के हाथ में सत्ता की चाबी

केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी की 30 सीटों पर भी आज ही मतदान हो रहा है. यहां उम्मीदवारों की संख्या 294 है, लेकिन सबसे दिलचस्प बात यहां के मतदाताओं का समीकरण है. पुड्डुचेरी में महिला मतदाताओं का दबदबा है. यहां करीब 5.03 लाख महिला मतदाता हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 4.46 लाख ही है. यानी यहां की सरकार चुनने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है.

2021 के चुनाव में पुड्डुचेरी ने 83.28 प्रतिशत वोटिंग के साथ अच्छी भागीदारी दिखाई थी. पिछले चुनाव में यानम सीट पर 92.31 प्रतिशत मतदान के साथ लोगों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया था, जबकि राजभवन सीट पर सबसे कम 73.93 प्रतिशत वोट पड़े थे. आज शाम 5 बजे तक यह तय हो जाएगा कि इन तीनों राज्यों की जनता ने किसे अपना आशीर्वाद दिया है, हालांकि नतीजे जानने के लिए हमें 4 मई का इंतजार करना होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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