Shakeel Ahmad Resign: बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस में भगदड़ मच गई है. एग्जिट पोल में NDA की सरकार बनने का अनुमान सामने आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बिहार चुनाव में टिकट वितरण पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं होने का आरोप लगाया. हालांकि इस इस्तीफे के लिए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है.
कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद ने एक न्यूज एजेंसी को दिये इंटरव्यू में अपने इस्तीफे का कारण टिकट वितरण को बताया. उन्होंने कहा कि मेरे इस्तीफे का कारण मेरी नाराजगी है. इस चुनाव में जो हुआ खासकर टिकट वितरण में, उससे मैं बेहद नाराज हूं. मैंने तीन साल पहले ही घोषणा की थी कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा. लोग परिवार के लिए भी पार्टी में रहते हैं, लेकिन मेरा बेटा अब पार्टी में आना नहीं चाहता है. लोग सम्मान और पहचान के लिए पार्टी में रहते हैं और अगर वो भी नहीं मिलता है तो फिर क्यों पार्टी में रहना है?
#WATCH दिल्ली: कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, “मैंने अभी तक एग्जिट पोल नहीं देखा है लेकिन जमीनी हकीकत के अनुसार हमारा प्रदर्शन इस बार अच्छा होना चाहिए… मैंने लिखा है कि मैं पार्टी की नीतियों का शुभचिंतक बना रहूंगा। मैंने सदस्यता से त्यागपत्र दिया है लेकिन पार्टी की नीति और… https://t.co/1lDpR3PRS1 pic.twitter.com/lgS44OtjpT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 11, 2025
राहुल गांधी पर निकाली भड़ास
वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद ने इस दौरान राहुल गांधी पर भी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि आज पार्टी में सिर्फ राहुल गांधी के लोग ही बचे हुए हैं. जो वरिष्ठ लोगों का कोई सम्मान नहीं करते. ऐसे में कांग्रेस में रहने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा कि हम इसलिए ही पार्टी की सदस्यता छोड़ रहे हैं. हालांकि मुझे पार्टी पर अभी भी पूरा विश्वास है.


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राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर उठे सवाल
शकील अहमद ने इस दौरान राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर उठ रही उंगलियों पर बचाव करते हुए कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व फेल हो रहा ये कहना सही नहीं है. इस पार्टी में अगर कोई नेता ना चुनाव लड़ना चाहता है और ना ही अपने बच्चों को सांसद व विधायक बनाना चाहता है. तो इसका साफ मतलब है कि वह नेता सिर्फ मान-सम्मान और पहचान के लिए ही पार्टी में है.
15 दिन पहले ही बना लिया था इस्तीफे का मन
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा कि मैंने 15 दिन पहले ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था, लेकिन मैं चुनाव के बीच इस्तीफा देकर पार्टी को गलत संदेश नहीं देना चाहता था. मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से पार्टी के 5 वोट भी खराब हो. इसलिए मैंने पहले ही इस्तीफा नहीं दिया. अब चुनाव खत्म हो गये हैं. इसलिए मैंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया है.
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वहीं एग्जिट पोल के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल हमेशा सही नहीं होते हैं. 2015 में भी बिहार में सारे एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल फेल हुए थे.
बता दें कि, 11 नवंबर को दूसरे फेज का चुनाव संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल जारी हुआ. जिसमें बताया गया है कि एनडीए बंपर सीटों से फिर सत्ता में आ रही है. जिसके बाद बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के आने की संभावना बढ़ गई है. अब 14 नवंबर को चुनाव का परिणाम आने वाला है. तभी साफ हो पायेगा कि बिहार में किसकी सरकार बन रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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