Bihar Bahubali Election Result: बिहार की राजनीति में बाहुबलियों के नाम भले ही पुराने पड़ रहे हों, लेकिन उनका जलवा अभी भी कायम है. बिहार के कुछ क्षेत्रों में जनता ने कई बाहुबलियों को सिरे से नकार दिया, तो कहीं परिवारिक विरासत और सामाजिक समीकरणों ने बाहुबलियों के पक्ष में बाजी पलट दी. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव ने एक बार फिर यह साबित किया कि बिहार की राजनीति में बाहुबली फैक्टर आज भी उसी रसूख और ठसक के साथ मौजूद है जैसे पहले था. बस अब जनता वोटों के मामले में जरा कंजूस हो गई है. अब जनता सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर किसी उम्मीदवार को वोट कर रही है.
बिहार विधानसभा चुनाव के फाइनल रुझानों ने साफ कर दिया है कि इस बार कई बाहुबली घर बैठेंगे. चुनावी मैदान में चली राजनीतिक उठापटक के बीच बिहार के इन बाहुबलियों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में है.
लालगंज में मुन्ना शुक्ला परिवार को बड़ा झटका
लालगंज सीट से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को करारी हार का सामना करना पड़ा है. राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं शिवानी को बीजेपी उम्मीदवार संजय कुमार सिंह ने 27 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी. याद दिला दें, मुन्ना शुक्ला को राजद के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी. इसी केस में उनके साथी मंटू तिवारी को भी सजा सुनाई गई थी.

बक्सर में हुलास पांडेय की करारी हार
ब्रह्मपुर सीट पर लोजपा (रामविलास) के बाहुबली उम्मीदवार हुलास पांडेय को भी जनता ने नकार दिया. राजद के शंभूनाथ यादव ने उन्हें लगभग 10 हजार वोटों से हराया. भूमिहार समाज में पकड़ रखने वाले हुलास का नाम रणवीर सेना के प्रमुख बरमेश्वर मुखिया हत्याकांड में जुड़ा था. उनकी हार बक्सर इलाके में घटती राजनीतिक पकड़ का संकेत है.

मोकामा में अनंत सिंह का दबदबा
पटना की मोकामा सीट पर बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी राजद टिकट पर उतरीं, लेकिन उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा. बाहुबली अनंत कुमार सिंह ने उन्हें 28206 वोटों से मात दी. चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव हत्या मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके प्रचार की कमान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने संभाली थी.

जीत के रूप में लौटी शहाबुद्दीन की विरासत
रघुनाथपुर सीट पर दिवंगत बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने शानदार जीत दर्ज की है. राजद उम्मीदवार ओसामा ने जदयू के विकास कुमार सिंह को 14 हजार से अधिक वोटों से हराया. पिता शहाबुद्दीन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे कई गंभीर आरोप थे. कहा जाता है कि लालू शासनकाल के वो पोस्टर बॉय थे. ओसामा की जीत सिवान में शहाबुद्दीन परिवार की पकड़ को फिर स्थापित करती दिख रही है.

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कुचायकोट में पप्पू पांडेय पर नजरें
गोपालगंज के कुचायकोट सीट पर जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय उर्फ अमरेंद्र कुमार पांडेय को चुनावी मैदान में जबरदस्त जीत दर्ज की है. उनके सामने महागठबंधन ने दुबई के उद्योगपति हरिनारायण सिंह कुशवाहा को उतारा था. हरिनारायण सिंह कुशवाहा को पप्पू पांडेय ने 23 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया. गौरतलब है कि बाहुबली पप्पू पांडेय पर हत्या, हत्या की कोशिश, सरकारी अधिकारी अपहरण और ट्रिपल मर्डर जैसी गंभीर धाराओं के केस दर्ज हैं. इस सीट का मुकाबला बेहद हाईप्रोफाइल माना जा रहा है.

नबीनगर में चेतन आनंद की जीत
कोसी क्षेत्र के बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने औरंगाबाद के नबीनगर से पीछे चल रहे हैं. अभी तक 26 में से 11 राउंड की वोटिंग हो चुकी है. उनको राजद उम्मीदवार अमोद कुमार सिंह चुनौती दे रहे हैं.

आनंद मोहन को एक जिलाधिकारी की हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी, लेकिन नीतीश सरकार ने कुछ समय पहले उनकी सजा माफ कर उन्हें रिहा किया था. चेतन की जीत को इसी राजनीतिक बैकग्राउंड की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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