Asaduddin Owaisi Attack Tejashwi: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार का सियासी पारा हाई है. दूसरे फेज के चुनाव से पहले सबकी निगाहें बिहार के सीमांचल की ओर हैं. मुस्लिम बहुल इस इलाके से महागठबंधन को बड़ी उम्मीदें हैं. तेजस्वी यादव और राहुल गांधी लगातार सीमांचल के जिलों में जनसभाएं कर रहे हैं. इस दौरान इनके निशाने पर बीजेपी के अलावा AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी निशाने पर हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव ने असदुद्दीन ओवैसी को कट्टरपंथी तक करार दिया. जिसपर आज किशनगंज में AIMIM प्रमुख ने जवाब देते हुए तेजस्वी और राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है.
असदुद्दीन ओवैसी ने तेजस्वी यादव के इस बयान पर पलटवार करते हुए उनपर सीमांचल को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें नफरती करार दिया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं. उन्हें समझना चाहिये कि ऐसी भाषा नहीं बोलनी चाहिये. मुझे कट्टरपंथी कहना उनके दिल में नफरत को दिखाता है. अगर वे सच में जनता की सेवा करना चाहते हैं तो पहले अपने मन से नफरत को निकालें.
बिना मुद्दे की करते हैं राजनीति- ओवैसी
वहीं राहुल गांधी को आईना दिखाते हुए राहुल गांधी पर बिना मुद्दों की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सीमांचल में आकर वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं. जबकि असल मुद्दा ही सीमांचल है. सीमांचल की जनता से नफरत की जा रही है, उन्हें बदनाम किया जा रहा है और उन्हें घुसपैठिया कहा जा रहा है. यहां के लोग बाढ़ और भूमि कटाव से सालों से परेशान हैं, लेकिन कोई मुआवजा नहीं देता. शिक्षा व्यवस्था नहीं है, स्वास्थ्य सेवाएं नाकाम हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है. यही असली समस्या है, लेकिन इन बातों पर कोई ध्यान नहीं देता.
बिहार चुनाव के पहले फेज में जबरदस्त वोटिंग ने बिहार की राजनीतिक सर्गर्मियां बढ़ा दी है. पहले फेज में बिहार में 65.08 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. सभी पार्टियां अपनी राजनीतिक समीकरण सेट करने में लगी हुई हैं. इसी क्रम में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी सीमांचल क्षेत्र में जबरदस्त चुनौती पेश कर रहे हैं. ओवैसी का मेन फोकस मुस्लिम वोटबैंक है. जो सामान्यत: राजद और कांग्रेस की मानी जाती है. जिसकी वजह से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के निशाने पर असदुद्दीन ओवैसी हैं.
राहुल गांधी पर लगाया ये आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी पर आई लव मोहम्मद जैसे मुद्दे पर चुप्पी साधकर बीजेपी की सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि,
अगर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ‘आई लव मोहम्मद’ पर कुछ नहीं बोलते, तो क्या हम चुप रहेंगे? मैं आखिरी सांस तक बोलूंगा. हम उसी के नाम पर बोलते हैं, जिसके नाम पर हम जकात देते हैं. अगर हम मुसलमान हैं, तो इसलिए क्योंकि पैगंबर मोहम्मद ने हमें सिखाया कि अल्लाह एक है. जिसके नाम की खाते हैं, अगर उसके लिए हम नहीं बोलेंगे, तो कौन बोलेगा?
लालू के घर में फूट
वहीं तेजस्वी यादव के द्वारा असदुद्दीन ओवैसी पर बांटने की राजनीति का आरोप लगाने पर एआईएमआईएम प्रमुख ने पूरे लालू परिवार को लपेटे में ले लिया. उन्होंने लालू परिवार में फूट का उदाहरण देते हुए जमकर कटाक्ष किये.
ओवैसी ने कहा कि लालू यादव के घर में खुद एकता नहीं है और वे बिहार की जनता को एकजुट करने चले हैं. लालू यादव ने एम-वाई (मुस्लिम-यादव) गठबंधन के नाम पर 15 साल बिहार पर शासन किया. उनकी पत्नी मुख्यमंत्री बनीं, बेटा तेजस्वी डिप्टी सीएम रहा और दूसरा बेटा मंत्री. लेकिन आज वही दोनों भाई एक-दूसरे के खिलाफ हैं. अगर एक परिवार में ही सद्भाव नहीं, तो जनता का भला कैसे करेंगे.
AIMIM प्रमुख ने आगे कहा कि सीमांचल के लोग समझ चुके हैं कि कौन उनके लिए बोलता है और कौन उन्हें सिर्फ चुनावी मोहरा बनाता है. हम डराने की राजनीति में नहीं, इंसाफ की राजनीति में विश्वास करते हैं. मैं कहता हूं कि सीमांचल के लोगों का हक उन्हें मिलेगा और हम उसके लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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