West Bengal Election Results 2026
West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे कल 4 मई को घोषित कर दिये जाएंगे. देश में वैसे तो 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. इस चुनाव परिणाम की अहमतियत इस बात से समझी जा सकती है कि सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी के पक्ष में बयान दिया है. ऐसे में यह चुनाव सिर्फ एक राज्य का राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी अलग अहमियत मानी जा रही है. पिछले 15 सालों से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपनी पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस बार पूरी ताकत झोंकते हुए मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने लंबे समय तक बंगाल की राजनीति पर मजबूत पकड़ बनाए रखी है. उनकी सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दों के सहारे जनता का समर्थन हासिल किया है. हालांकि, इस बार चुनावी मैदान में परिस्थितियां पहले से अलग नजर आईं.
आक्रामक प्रचार कर बीजेपी ने पलटी बाजी
बीजेपी ने राज्य में अपने संगठन को मजबूत कर और आक्रामक प्रचार अभियान चलाकर चुनाव को सीधा मुकाबला बना दिया. कई जगहों पर तो ऐसा लग रहा था कि बीजेपी एकतरफा चुनाव जीतने जा रही है.
चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी, बड़े-बड़े रोड शो और रैलियां देखने को मिलीं. बंगाल चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपना पूरा तंत्र लगा दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के अन्य बड़े नेताओं जैसे- यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ तक ने यहां कई जनसभाओं को संबोधित किया. वहीं ममता बनर्जी ने भी पूरे दमखम के साथ अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया. इस बार चुनाव में ध्रुवीकरण, विकास, कानून-व्यवस्था और पहचान की राजनीति जैसे कई मुद्दे प्रमुख रहे.
सर्वेक्षणों में बीजेपी को बढ़त
एग्जिट पोल्स की बात करें तो अधिकांश सर्वेक्षणों में बीजेपी को बढ़त मिलती दिखाई गई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए दावा किया है कि पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल का मतदाता अक्सर चौंकाने वाले परिणाम देता है, ऐसे में अंतिम नतीजे क्या होंगे, यह कहना फिलहाल मुश्किल है.
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4 मई को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि क्या ममता बनर्जी का किला बरकरार रहेगा या फिर बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने में सफल होगी. यह परिणाम न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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