हनुमान अंश को OTT पर मिला था रिजेक्शन
Hanuman Ansh: सिनेमाघरों में इन दिनों नीम करोली बाबा के जीवन और आस्था पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रखा है. महज 2 करोड़ रुपए के छोटे से बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने कमाई के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है और देश भर में 82 करोड़ रुपए से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है.
फिल्म की सफलता को देखकर हर कोई हैरान है लेकिन इसके पीछे का संघर्ष किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. क्या आप जानते हैं कि जिस फिल्म ने आज बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं उसे कभी एक बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म ने सिरे से खारिज कर दिया था और इसके निर्देशक के साथ बेहद अपमानजनक बर्ताव किया गया था?
कहानी सुनाते हुए रो पड़े थे डायरेक्टर
हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपने संघर्ष के उन दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वे अपनी फिल्म की कहानी लेकर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के पास पहुंचे थे, तो उन्होंने नीम करोली बाबा और महाराज जी के जीवन के सफर को इस कदर गहराई से बयां किया कि वे खुद को रोक नहीं पाए और नैरेशन के दौरान ही फफक कर रो पड़े. उन्होंने मेकर्स को समझाया कि भले ही यह कहानी पूरी तरह भारतीय जड़ों से जुड़ी है लेकिन इसका संदेश और महत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर का है.
हालांकि उनकी इस इमोशनल कहानी को ओटीटी वालों ने न सिर्फ रिजेक्ट कर दिया, बल्कि रिजेक्शन के दौरान जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया वह काफी अपमानजनक थी. निर्देशक ने दर्द बयां करते हुए कहा कि एक क्रिएटर के तौर पर उन्हें कई बार ना सुननी पड़ी है और अगर किसी को प्रोजेक्ट पसंद नहीं आता तो वे शालीनता से मना कर सकते हैं, लेकिन जिस तरह का रवैया अपनाया गया वह बर्दाश्त के लायक नहीं था.
भंडारों से हुआ अनोखा प्रमोशन
‘हनुमान अंश’ का सफर आसान नहीं रहा. फिल्म के पास न तो बड़ा बजट था और न ही प्रमोशन के लिए कोई भारी-भरकम राशि. पैसे की तंगी के कारण मेकर्स बड़े-बड़े होर्डिंग्स या बैनर नहीं लगवा पाए. ऐसे में फिल्म का प्रचार करने का एक बेहद अनोखा तरीका निकाला गया हनुमान जी के नाम पर जगह-जगह भंडारे आयोजित करके फिल्म की पब्लिसिटी की गई.
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शुरुआती हफ्तों में नहीं चली फिल्म
फिल्म के लिए शुरुआती दो हफ्तों में तो हालात यह थे कि दर्शकों ने इससे पूरी तरह दूरी बना ली थी. पहले हफ्ते में फिल्म ने बमुश्किल 1 करोड़ रुपए से थोड़ी ज्यादा कमाई की और दूसरे हफ्ते में तो यह आंकड़ा गिरकर सिर्फ 40 लाख रुपए पर आ सिमटा. मेकर्स की सांसें अटकी हुई थीं, लेकिन तीसरे हफ्ते में जो चमत्कार हुआ उसने इतिहास बदल दिया. तीसरे हफ्ते में फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और चौथे हफ्ते में तो बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान आया कि इसने सीधे 61 करोड़ रुपए का बंपर बिजनेस कर डाला.
आज आलम यह है कि कुल 82 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुकी यह फिल्म हिंदी सिनेमा इतिहास की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फिल्मों की सूची में शुमार हो चुकी है. आने वाले दिनों में इसके 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने की पूरी उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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