Hanuman Ansh Special Screening Delhi: राजधानी दिल्ली स्थित PVR प्रोमेनेड में आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्पेशल स्क्रीनिंग नैत्राणा फाउंडेशन की ओर से रखी गई. फाउंडेशन की फाउंडर ईशा सैनी ने इसकी अगुवाई की, सिनेमाई इतिहास में पहली बार किसी आध्यात्मिक फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए PVR प्रोमेनेड की सातों की सातों (All 7) स्क्रीन्स बुक की गईं.
इस खास मौके पर श्रद्धालुओं, आध्यात्मिक साधकों, गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया.
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और गुरुकुल के बच्चे बने विशेष अतिथि
ईशा सैनी और नैत्राणा फाउंडेशन की टीम ने इस स्क्रीनिंग को केवल एक फिल्म प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक सामाजिक और आध्यात्मिक उत्सव का रूप दिया.
ईशा सैनी और नैत्राणा फाउंडेशन की ओर से:
- ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ संगठन के बच्चों को आमंत्रित किया गया.
- गुरुकुल के बटुकों और विद्यार्थियों को विशेष रूप से बुलाया गया.
- इसके अलावा जेन-जी (Gen-Z) कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की.
स्क्रीनिंग के समापन पर एसआरएस (SRS) मंडल के साथ भक्तिमय माहौल के बीच हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया गया और देशभक्ति के भाव के साथ ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष हुआ.
25 अगस्त को भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन ने शिरकत की

हनुमान अंश’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने 25 अगस्त को सपरिवार शिरकत की थी. उन्होंने नीम करौली बाबा की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया था. फिल्म की भी उन्होंने खूब सराहना की थी. यहां क्लिक करके पूरा कवरेज देखिए.
नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित है फिल्म
‘हनुमान अंश’ श्री नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरणा लेती है. फिल्म में भक्ति, निस्वार्थ सेवा, समर्पण और आंतरिक बदलाव जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है. फिल्म में महाराज जी के सार्वभौमिक संदेश ‘Love all, serve all’ (सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो) को केंद्र में रखा गया है.
फिल्म की कहानी और निर्देशन की जिम्मेदारी विशाल चतुर्वेदी ने संभाली है. इसके निर्माण से रागिनी एस, नम्रता सिंह और 21 वर्षीय देश की सबसे युवा जेन-जी प्रोड्यूसर अनुप्रिया ए नागर जुड़ी हैं.
यंगेस्ट प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने जताया आभार
21 वर्षीय प्रोड्यूसर अनुप्रिया ए नागर के लिए यह प्रोजेक्ट केवल फिल्म निर्माण नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा है. उनका उद्देश्य भारत के साथ विदेशों में रहने वाले युवाओं को भी नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से जोड़ना है. (इनकी वेबसाइट www.anupriyanagar.com पर इनके बारे में अधिक जान सकते हैं.)
इन्होंने फिल्म स्क्रीनिंग के व्यवस्थित आयोजन के लिए ईशा सैनी और नैत्राणा फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि ईशा सैनी ने पूरी गंभीरता और आत्मीयता के साथ इस यात्रा की जिम्मेदारी उठाई.
युवा पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ने का प्रयास
नैत्राणा फाउंडेशन भारत के देवस्थानों, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रामाणिक कहानियों को आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्यरत है. फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘हनुमान अंश’ की यह स्क्रीनिंग इसी उद्देश्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई, जहां सिनेमा के माध्यम से भावी पीढ़ी में प्रेम, सेवा और भक्ति के संस्कार सिंचित किए गए.
- भारत एक्सप्रेस
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