सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक खबर आग की तरह फैल रही है. दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री और सुपरस्टार विजय थलापति ने राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. फेसबुक और एक्स पर कई यूजर्स इस पोस्ट को बिल्कुल सच मानकर धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं और इस पर अपनी राय भी दे रहे हैं. लेकिन जब इस दावे की गहराई से पड़ताल की गई, तो हकीकत कुछ और ही निकली. यह वायरल दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी है.
क्या है सोशल मीडिया का वायरल दावा?
दरअसल, एक फेसबुक यूजर ने 5 जून 2026 को एक पोस्ट डाली, जिसमें लिखा था, ‘तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने RSS संगठन को बैन कर दिया.’

इस अकाउंट के 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जिसके चलते इस खबर को और हवा मिल गई. लोग बिना सोचे-समझे इसे सच मानने लगे.
पड़ताल में सामने आया पूरा सच
जब इस खबर की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल शुरू की गई, तो सबसे पहले मुख्यधारा की मीडिया और विश्वसनीय समाचार वेबसाइटों को खंगाला गया. साफ है कि अगर तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में संघ जैसी बड़ी संस्था पर कोई प्रतिबंध लगाया जाता, तो ये देश की सबसे बड़ी खबर होती. मगर पूरे इंटरनेट पर ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली.
उल्टा जांच के दौरान मद्रास हाई कोर्ट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई. 2 जून 2026 को आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में आरएसएस के 15 सदस्यों के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है. इन स्वयंसेवकों पर पिछले साल अक्टूबर 2025 में संगठन के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर बिना अनुमति इकट्ठा होने का आरोप था. कोर्ट का यह फैसला साफ दिखाता है कि राज्य में संघ की गतिविधियों पर कोई कानूनी पाबंदी नहीं है.
वहीं, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस खबर के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया.
क्या है राजनीतिक संदर्भ?
दरअसल, मई 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) के प्रमुख विजय ने शानदार जीत हासिल की है. वे कांग्रेस के साथ गठबंधन कर राज्य के नए मुख्यमंत्री बने हैं. इसी सियासी बदलाव के बीच कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने या लाइमलाइट बटोरने के लिए मुख्यमंत्री विजय के नाम से ये फर्जी अफवाह उड़ा दी. इसलिए किसी भी वायरल दावे पर बिना जांच के विश्वास न करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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