कॉफी पीना पसंद करने वाले लोगों के लिए वैश्विक स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामने आया है. अमेरिका के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान ‘सीडर्स-सिनाई’ (Cedars-Sinai) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी का सेवन करने वाले लोगों में लिवर सिरोसिस (लिवर का सिकुड़ना) और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा व गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.
3.55 लाख लोगों पर कई साल चली रिसर्च
इस अध्ययन को प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी में प्रकाशित किया गया है. इस शोध के लिए ब्रिटेन के ‘यूके बायोबैंक’ (UK Biobank) में शामिल करीब 3.55 लाख लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण किया गया. दिलचस्प बात यह है कि अध्ययन की शुरुआत में इनमें से किसी भी व्यक्ति को सिरोसिस या लिवर कैंसर की शिकायत नहीं थी. शोधकर्ताओं ने लगातार 13 वर्षों तक इन लोगों की जीवनशैली और सेहत पर बारीकी से नजर रखी.
आंकड़ों में सामने आए चौंकाने वाले प्रभाव
अध्ययन की समाप्ति पर जो आंकड़े सामने आए, वे बेहद हैरान करने वाले थे:
- जो लोग रोजाना पांच या उससे ज्यादा कप कॉफी पीते थे, उनमें कॉफी न पीने वालों की तुलना में सिरोसिस का खतरा 32% तक कम देखा गया.
- ऐसे लोगों में लिवर कैंसर होने की आशंका 47% और लिवर की बीमारी के कारण असमय होने वाली मौत का खतरा 42% तक कम पाया गया.
- हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि इसका संबंध रोजाना 3 से 4 कप कॉफी पीने वालों में सबसे मजबूत नजर आया. इसके फायदे एक-दो कप पीने वालों में भी दिखाई दिए.
लिवर पर कैसे असर करती है कॉफी?
अध्ययन के प्रमुख लेखक और सीडर्स-सिनाई के लिवर कैंसर प्रोग्राम के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. जू डोंग यांग और शोधकर्ता डॉ. ह्यूनसेक किम ने बताया कि एमआरआई (MRI) स्कैन और खून की जांच में पाया गया कि कॉफी पीने वालों के लिवर में फैट (वसा), सूजन और फाइब्रोसिस (निशान बनना) के संकेत काफी कम थे. कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड, पॉलीफेनॉल और डाइटरपीन जैसे सैकड़ों जैविक तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम कर मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं. खास बात यह रही कि कैफीन वाली (Regular) और बिना कैफीन वाली (Decaf) दोनों तरह की कॉफी में समान फायदे देखे गए.
विशेषज्ञों की सावधानी भरी सलाह
हालांकि, शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह केवल एक अवलोकन संबंधी (Observational) अध्ययन है, जो कॉफी और बेहतर लिवर स्वास्थ्य के बीच ‘संबंध’ को दिखाता है, इसे पूरी तरह ‘कारण और परिणाम’ के रूप में वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं करता. इसलिए, केवल लिवर की सुरक्षा के लिए किसी गैर-कॉफी उपभोक्ता को जबरन कॉफी पीना शुरू करने की सलाह नहीं दी जा सकती. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार (जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज से भरपूर मेडिटेरेनियन डाइट), नियमित व्यायाम, और डायबिटीज व हेपेटाइटिस जैसे संक्रमणों से बचाव करना सबसे ज्यादा जरूरी है.
कॉफी पीने के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
लिवर की सूजन और फैट में कमी: कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व लिवर में अतिरिक्त वसा (Fat) को जमने से रोकते हैं और क्रोनिक सूजन को कम करते हैं.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: इसमें प्रचुर मात्रा में पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान (ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस) से बचाते हैं.
मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार: कॉफी का संतुलित सेवन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को नियंत्रित करने और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को दुरुस्त रखने में सहायक होता है.
गंभीर बीमारियों के जोखिम में कमी: नियमित और सीमित मात्रा में कॉफी पीने से लिवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और अंतिम चरण के लिवर कैंसर के विकसित होने का खतरा काफी घट जाता है.
डीकैफ (Decaf) का असर: यदि कोई व्यक्ति कैफीन के प्रति संवेदनशील है, तो वह बिना कैफीन वाली कॉफी पीकर भी लिवर की सुरक्षा से जुड़े ये सभी जैविक लाभ आसानी से प्राप्त कर सकता है.
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