दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर्स में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है. केंद्र सरकार ने झुग्गी निवासियों को सम्मानजनक जीवन देने और उन्हें पक्के मकान मुहैया कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ को अंतिम रूप दे दिया गया है.
इस महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के तुरंत बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी खुशी जाहिर की और सरकार के इस बड़े संकल्प को दिल्ली की जनता के सामने रखा.
JJ cluster का टेंडर होगा जारी
अमित शाह ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आज का दिन दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बहनों-भाइयों के लिए महत्त्वपूर्ण दिन है, ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026′ को आज अंतिम रूप दे दिया गया है.’
आज का दिन दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बहनों-भाइयों के लिए महत्त्वपूर्ण दिन है, ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ को आज अंतिम रूप दे दिया गया है।
प्रथम चरण में PPP मॉडल के तहत DDA और DUSIB 45 दिन के अंदर 5 JJ cluster का टेंडर जारी… pic.twitter.com/VSqxNHfVjy
— Amit Shah (@AmitShah) June 16, 2026
अमित शाह ने आगे लिखा कि प्रथम चरण में PPP मॉडल के तहत DDA और DUSIB 45 दिन के अंदर 5 JJ cluster का टेंडर जारी करेंगे. साथ ही, दिल्ली सरकार को प्रति माह कम से कम 5 PPP आधारित परियोजनाओं का टेंडर जारी करने के निर्देश दिए.
आखिर में ये भी कहा कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाओं से संपन्न ये कॉलोनियाँ इन परिवारों के सम्मानजनक जीवन का सपना साकार करेंगी. यह दिल्ली के हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के मोदी सरकार के संकल्प का प्रतीक है.
आखिर क्या है नई नीति और इससे क्या बदलेगा?
इस नीति की सबसे खास बात ये है कि झुग्गीवासियों को सिर्फ चार दीवारें उठाकर नहीं दी जाएंगी, बल्कि उनके लिए जो नई सोसायटियां या कॉलोनियां बनेंगी, वे पूरी तरह से हाई-टेक और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी. वहां बच्चों के लिए स्कूल होंगे, इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थ सेंटर्स) होंगे, खेलने के लिए मैदान होंगे और छोटे बच्चों की देखभाल के लिए आंगनवाड़ी केंद्र भी बनाए जाएंगे.
45 दिन का अल्टीमेटम
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर काम को तेज करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) को साफ कह दिया गया है कि वे अगले 45 दिनों के भीतर पहले चरण के तहत 5 बड़े जेजे क्लस्टर्स (JJ Clusters) के रीडेवलपमेंट के लिए टेंडर जारी कर दें.
4 लाख से ज्यादा परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
सूत्रों के मुताबिक, इस नई ‘पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ के लागू होने से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले करीब 4 लाख परिवारों (लगभग 20 लाख लोगों) को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है. सरकार ने इसके तहत पात्रता की कट-ऑफ डेट को भी बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया है, जिससे उन लोगों को भी पक्का मकान मिल सकेगा जो पिछले कुछ सालों में इन क्लस्टर्स का हिस्सा बने हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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