देश की राजनीति और सामाजिक जीवन में गहरी छाप छोड़ने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर राजमाता सिंधिया के राष्ट्र, संस्कृति और लोकसेवा के प्रति आजीवन समर्पण को याद किया और उनके योगदान को नमन किया.
नैतिकता की अविस्मरणीय आदर्श: Amit Shah
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट के जरिए कहा कि राष्ट्र, संस्कृति व लोकसेवा के लिए आजीवन संकल्पित राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी ने सामाजिक जीवन में नैतिकता के अविस्मरणीय आदर्श स्थापित किए.
राष्ट्र, संस्कृति व लोकसेवा के लिए आजीवन संकल्पित राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी ने सामाजिक जीवन में नैतिकता के अविस्मरणीय आदर्श स्थापित किए। उन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया और विचारधारा के प्रति आजीवन समर्पित रहीं।
राजमाता सिंधिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन। pic.twitter.com/75oLgcqWqV
— Amit Shah (@AmitShah) January 25, 2026
अमित शाह ने ये भी बताया कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया और विचारधारा के प्रति आजीवन समर्पित रहीं.
आखिर में उन्होंने लिखा, ‘ राजमाता सिंधिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन.’
कौन है राजमाता विजयाराजे सिंधिया?
राजमाता विजयाराजे सिंधिया को भारतीय राजनीति में एक ऐसी शख्सियत के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने सत्ता से ज्यादा सिद्धांतों को अहमियत दी. आपातकाल के दौर में जब कई नेता चुप थे, तब राजमाता ने खुलकर उसका विरोध किया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया. इसी वजह से उन्हें एक साहसी और निडर नेता के रूप में देखा जाता है.
संस्कृति और लोकसेवा से गहरा जुड़ाव
राजमाता सिंधिया सिर्फ एक राजनेता ही नहीं थीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की प्रबल समर्थक भी थीं. जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव को मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा. उन्होंने हमेशा यह माना कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा होना चाहिए.
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने ऐसे दौर में राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई, जब महिलाओं की भागीदारी सीमित मानी जाती थी. उनके व्यक्तित्व ने साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और स्पष्ट विचारधारा के साथ महिलाएं राजनीति में भी निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं. आज भी कई महिला नेता उन्हें अपना आदर्श मानती हैं.
आज भी जीवित उनके विचार
राजमाता सिंधिया भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार, उनका संघर्ष और उनका व्यक्तित्व आज भी राजनीतिक और सामाजिक जीवन में मार्गदर्शक की तरह मौजूद है. उनकी पुण्यतिथि पर देशभर के नेता और कार्यकर्ता उन्हें याद कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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