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Ayodhya: रामायण के ‘राम’ ने भेष बदलकर किए रामलला के दर्शन, रामचरितमानस विवाद पर कहा, “कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए करते हैं ऐसा”

Ramcharitmanas: राम मंदिर आंदोलन पर आधारित बन रही फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में अरुण गोविल अयोध्या पहुंचे हैं और इस मौके पर संन्यासी बनकर रामलला के दर्शन भी किए.

अरुण गोविल

Edited by Nitish Pandey

Ayodhya: रामानंद सागर के टीवी सीरियल रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए. इसी के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की. इस दौरान वह भेष बदलकर संन्यासी रूप में दिखाई दे रहे थे और इसी रूप में उन्होंने रामलला के दर्शन किए. ताकि उनको कोई पहचान न ले और वह आराम से दर्शन व पूजन कर सकें.

जानकारी सामने आ रही है कि रामायण में अभिनय के बाद पहली बार अयोध्या राम मंदिर आंदोलन पर आधारित बन रही फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वह अयोध्या पहुंचे हैं और फिर रामलला के दर्शन भी किए. इस दौरान रामचरितमानस पर उठे विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि “कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसा विवाद उठाते रहते हैं. उन्होंने आगे बताया कि वह राम मंदिर आंदोलन पर आधारित फिल्म 695 की शूटिंग करने अयोध्या पहुंचे हैं.”

इस मौके पर उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. इसी के साथ रामायण के सीन शबरी के जूठे बेर खाने को लेकर कहा कि समाज समाज होता है. इसमें ना कोई दलित होता है और न ही किसी अन्य जाति का. समाज को समाज ही होना चाहिए राम जी का भी यही संदेश था.

बता दें कि हाल ही में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों को लेकर विवादित बयान दिया था और प्रधानमंत्री से इसे हटाने अथवा संशोधित करने की मांग की थी.

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फिल्म 695 की करने आया हूं शूटिंग

पत्रकारों से बात करते हुए अरुण गोविल ने कहा कि, “मैं यहां एक फिल्म करने आया हूं जिसका टायटिल है 695. तीनों फिगर अयोध्या के इतिहास के लिए, राम मंदिर के इतिहास लिए, हमारे इतिहास के लिए कितनी अहम हैं, कितनी इंपॉर्टेंट है ये आप सभी जानते हैं. तो उसी को लेकर एक फिल्म हैं. राम मंदिर में एक भूमिका थी. हमारे जीवन में किस तरह से इसका आगाज था बहुत साल पहले. उसी को लेकर एक फिल्म बना रहे हैं. वो आप सभी को अच्छी लगेगी. उसमें एक संयासी का पात्र हैं. जिसकी पूरी इच्छा है कि राम मंदिर बने और मैं मेरे राम के दर्शन कर पाऊं. बल्कि एक लाइन है जो आपको बताना चाहूंगा, जिसकी शूटिंग कल मैंने की, “मेरी व्याधियों का उपचार औषधि नहीं हैं राममंदिर हैं वही मुझे रोग मुक्त कर सकता हैं” ये कारेक्टर मेरा है.

-भारत एक्सप्रेस



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