Bharat Express DD Free Dish

Baghpat: सार्वजनिक गणेश पूजा के लिए रखी गई मूर्ति को पुलिस ने बलपूर्वक हटवाया, थानाध्यक्ष पर गिरी गाज

इस मामले को पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय ने गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष प्रदीप ढ़ोडियाल को बालैनी थाने से हटा दिया है.

गणेश प्रतिमा हटाए जाने के बाद विरोध करते ग्रामीण

-कुलदीप पंडित

Baghpat: गणेश चतुर्थी के अवसर पर जहां देश के कोने-कोने में भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जा रही है और सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. वहीं बागपत के एक गांव में सार्वजनिक पूजा के लिए रखी गई गणेश जी की मूर्ति को पुलिस पर बलपूर्वक हटवाने का आरोप लगा है. गांव के लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि शिव मंदिर में मंत्रोउच्चारण के बाद गणेश जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने प्रतिमा को बल प्रयोग करके हटवा दिया है.

दूसरी ओर इस मामले में पुलिस ने सफाई दी है कि मंदिर में पूजा अर्चना और प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए परमिशन लेनी होती है. ग्रामीणों ने इसकी परमिशन नहीं ली थी. इसीलिए प्रतिमा को हटा दिया गया. ये मामला बागपत जिले के बालैनी थाना क्षेत्र के रोशनगढ़ गांव से सामने आय़ा है. यहां गणेश उत्सव के कार्यक्रम के लिए कुछ ग्रामीणों ने पूरे गांव से चंदा इकट्ठा किया था और गणेश चतुर्थी के अवसर पर गांव के शिव मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी.

इस मौके पर मंदिर में गांव के बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और भक्तिमय माहौल के बीच गणेश उत्सव का कार्यक्रम चल रहा था. मंदिर में सुबह से ही लाउडस्पीकर द्वारा मंत्रोउच्चारण के साथ पूजा अर्चना की जा रही थी. दूसरी ओर बड़ी संख्या में मंदिर में मौजूद श्रद्धालु गणेश जी की भक्ति में रमे नजर आ रहे थे. मंदिर प्रांगण भजनों और मंत्रों से गूंज रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूजा के दौरान ही बालैनी पुलिस मंदिर परिसर में पहुंची और बल का प्रयोग करते हुए प्रतिमा को मंदिर से हटा दिया.

ये भी पढ़ें- Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रखी ये मांग, PDA महिलाओं के लिए कही ये बात

ग्रामीण चंद्रपाल ने बताया कि पुलिस ने उनके सामने गणेश जी की प्रतिमा को बलपूर्वक हटवाया. इसी के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों की भीड़, मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गई और प्रदर्शन किया लेकिन पुलिस प्रतिमा को लेकर मौके से निकल गई. बताया जा रहा है कि बाद में पुलिस ने गांव के ही राजेंद्र के आवास पर प्रतिमा को रख दिया और फिर थाने चली गई. इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया है. वही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी शिकायत करने की बात कही है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read