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भारत का गुनहगार मोहम्मद फासी! पाक-नेपाल नेटवर्क के जरिए कर रहा था अर्थव्यवस्था पर हमला

NIA ने चंपारण जाली नोट मामले में पाकिस्तान-नेपाल लिंक का पर्दाफाश किया हैं. मोहम्मद फासी उद्दीन समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, ₹1.95 लाख के जाली नोट बरामद हुए हैं.

NIA-India

चंपारण जाली नोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ताज़ा गिरफ्तारी ने एक खतरनाक सीमा-पार साज़िश का नया चेहरा उजागर कर दिया है. हाल ही में हिरासत में लिया गया मोहम्मद फासी उद्दीन महज़ एक संदेशवाहक नहीं, बल्कि पाकिस्तान से नेपाल तक फैले उस नेटवर्क की अहम कड़ी था, जिसका मकसद भारत की आर्थिक स्थिरता को हिलाना था.

NIA की जांच ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सलमान मोहम्मद को क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए भुगतान, रक्सौल और नेपाल की कई गुप्त यात्राएं जाली नोटों की तस्करी के लिए, और जम्मू-कश्मीर में सह आरोपियों से गोपनीय मुलाकातें, जो इस गोरखधंधे को फंडिंग कर रहे थे. यह कोई छोटी-मोटी तस्करी नहीं, बल्कि योजनाबद्ध आर्थिक युद्ध था, जिसे पूरी गोपनीयता और नफ़रत के साथ अंजाम दिया जा रहा था.

आर्थिक खतरे का संकेत

दिसंबर 2024 में ₹1.95 लाख के उच्च गुणवत्ता वाले जाली नोटों की बरामदगी तो बस शुरुआत थी. ऐसे नोट न सिर्फ़ बाज़ार को बिगाड़ते हैं बल्कि लोगों के भरोसे और देश की मुद्रा की साख को भी चोट पहुँचाते हैं. हर जाली नोट देश के आर्थिक हृदय पर एक मूक गोली है.

अब तक पांच आरोपी गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन NIA की कार्रवाई जारी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर भारत की मुद्रा, अर्थव्यवस्था और संप्रभुता की रक्षा की जा सके.

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भारत एक्सप्रेस



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