भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई (Justice BR Gavai) वर्तमान में भूटान की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. इससे पहले उन्होंने आज रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, थिम्पू में जिग्मे सिंग्ये वांगचुक (जेएसडब्ल्यू) स्कूल ऑफ लॉ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया. इस कार्यक्रम में जेएसडब्ल्यू स्कूल ऑफ लॉ की अध्यक्ष, महामहिम राजकुमारी सोनम देचेन वांगचुक, भूटान के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ल्योनपो नोरबू शेरिंग, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, भूटान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश, संसद सदस्य, भूटान राष्ट्रीय विधि संस्थान के महानिदेशक, और जेएसडब्ल्यू स्कूल ऑफ लॉ के संकाय और छात्र, आदि उपस्थित थे.
अपने संबोधन में जस्टिस बीआर गवई ने “संवैधानिक शासन को मजबूत करने में न्यायपालिका की भूमिका” विषय पर बात की. उन्होंने भूटान के संविधान के प्रति गहरी प्रशंसा व्यक्त की और कहा कि इसके नीति निर्देशक सिद्धांत राज्य से अपने लोगों के लिए जीवन की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने और सकल राष्ट्रीय सुख की प्राप्ति के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ बनाने का आग्रह करते हैं.
सीजेआई ने कहा,
इस अर्थ में, भूटान एक ऐसी संवैधानिक शब्दावली प्रस्तुत करता है जो न्याय को आनंद से, अधिकारों को उत्तरदायित्वों से और स्वतंत्रता को सामूहिक समृद्धि से जोड़ती है. यह ढांचा न्यायालयों को न्याय की अपनी समझ को सुधारात्मक या निवारक कार्यों से आगे बढ़ाकर, एक ऐसे न्यायशास्त्र की ओर ले जाने के लिए आमंत्रित करता है जो करुणा, कल्याण, सामुदायिक जीवन शक्ति और पारिस्थितिक संतुलन को महत्व देता हो.
सीजेई गवई ने भारत के सुप्रीम कोर्ट आने का दिया निमंत्रण
अपनी यात्रा के दौरान चीफ जस्टिस गवई ने भूटान के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों से भी मुलाकात की. दोनों मुख्य न्यायाधीशों ने संस्थागत साझेदारी, न्यायिक आदान-प्रदान और भारत और भूटान की न्यायपालिकाओं के बीच भविष्य के सहयोग सहित आपसी हित के क्षेत्रों पर चर्चा की. सीजेआई गवई ने भारत और भूटान के बीच स्थायी मित्रता की पुष्टि की और भूटानी न्यायपालिका के सदस्यों को भारत के सुप्रीम कोर्ट का दौरा करने का निमंत्रण दिया.

भूटान के सर्वोच्च न्यायालय के अपने दौरे के दौरान, मुख्य न्यायाधीश गवई ने न्यायालय परिसर में एक पौधा भी लगाया, जो भारतीय और भूटानी न्यायपालिकाओं की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने तकनीकी क्षमता और प्रणाली एकीकरण को बढ़ाने के उद्देश्य से पहलों के माध्यम से भूटानी न्यायपालिका को सहयोग देने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने भूटान स्थित भारतीय दूतावास का भी दौरा किया. इस दौरे में उनके साथ रजिस्ट्रार (अंतर्राष्ट्रीय संबंध), सर्वोच्च न्यायालय के अनुसंधान एवं योजना केंद्र के निदेशक और अन्य सदस्य भी मौजूद थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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