आज का दिन पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है. इन्हीं तीनों शहीदों ने काकोरी ट्रेन एक्शन से अंग्रेजों की नींव हिला दी थी. इनके बलिदान दिवस के इस मौके पर भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीनों वीरों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की.
नई ऊर्जा देकर अंग्रेजों की नींव हिलाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक्स पोस्ट में इन वीरों को नमन करते हुए लिखा, ‘स्वाधीनता संग्राम को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के माध्यम से नई ऊर्जा देकर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले वाले पं. राम प्रसाद बिस्मिल जी, अशफाक उल्ला खां जी और रोशन सिंह जी के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन करता हूं.’
स्वाधीनता संग्राम को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के माध्यम से नई ऊर्जा देकर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले वाले पं. राम प्रसाद बिस्मिल जी, अशफाक उल्ला खां जी और रोशन सिंह जी के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन करता हूँ।
देश के संसाधनों और मेहनतकश देशवासियों के श्रम से बनी वस्तुओं पर यहाँ… pic.twitter.com/VbWvmAKka5
— Amit Shah (@AmitShah) December 19, 2025
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि देश के संसाधनों और मेहनतकश देशवासियों के श्रम से बनी वस्तुओं पर यहां के लोगों का ही अधिकार हो सकता है. इस संकल्प को इन सेनानियों ने न केवल साकार किया, बल्कि क्रांतिकारियों के लिए साहस और पराक्रम की प्रेरणा भी बने.
आखिर में उन्होंने उनके बलिदानों को याद करते हुए लिखा, ‘देश इन बलिदानियों को कभी भूल नहीं पाएगा.’
क्या था काकोरी ट्रेन एक्शन?
ये कहानी 1925 की है जब 9 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने काकोरी में ब्रिटिश सरकार का खजाना लूट लिया था. इस लूट से क्रांति करने के लिए हथियार खरीदने का मकसद था. इस लूट में तीनों वीरों ने मुख्य भूमिका निभाई थी.
इस घटना के बाद इन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद आज ही के दिन साल 1927 में राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर में, रोशन सिंह को मलाका (नैनी) जेल में और अशफाक उल्लाह खां को फैजाबाद (अयोध्या) के जेल में फांसी दे दी गई थी.
वहीं, साल 2021 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिन का नाम बदलकर काकोरी ट्रेन एक्शन कर दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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