रेपिस्ट पास्टर बाजिंदर सिंह.
यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिए गए पादरी बजिंदर सिंह की सजा का ऐलान हो गया है. मोहाली कोर्ट ने बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोषी बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा मिलने पर पीड़िता ने कहा कि न्याय की जीत हुई है.
7 साल बाद पीड़िता को मिला इंसाफ
2018 के यौन उत्पीड़न मामले में पंजाब की मोहाली कोर्ट ने स्वघोषित पादरी बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया था. अब इस पर सजा का ऐलान होने से पीड़िता ने प्रतिक्रिया दी है. पीड़िता ने कहा कि न्याय की जीत हुई है. पीड़िता ने आगे कहा, बजिंदर सिंह एक मनोरोगी है और जेल से आने के बाद दोबारा अपराध करेगा. इसलिए उसे जेल में ही रहना चाहिए.
पीड़िता के पति ने क्या कहा?
वहीं, पीड़िता के पति ने भी न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “इस मामले में 7 सालों की लंबी लड़ाई इंसाफ के लिए लड़ी है. आज इंसाफ मिला है. बजिंदर सिंह अदालत को गुमराह करता था, विदेश यात्राएं करता था, जबकि कोर्ट ने उसे ऐसा करने से मना किया था. उसने मुझे गलत फंसाने की कोशिश की, हमला करवाया. छह महीने बिना किसी अपराध के जेल में मुझे रहना पड़ा.”
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वकील ने की थी सख्त सजा की मांग
पीड़िता के वकील ने सुनवाई के अंतिम दिन सख्त सजा की मांग की थी. उन्होंने कोर्ट से कहा था कि “मामले की परिस्थितियों के आधार पर रेप के अपराध के लिए 10 से 20 साल की सजा का प्रावधान है. इसलिए कठोर से कठोर सजा की मांग करता हूं.”
पास्टर पर यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में दर्ज किया गया था. बजिंदर सिंह पर एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर FIR दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. पिछले महीने 28 मार्च को मोहाली जिला अदालत ने बजिंदर सिंह को यौन उत्पीड़न का दोषी करार दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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