नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2026. दिल्ली विधानसभा में भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य समारोह आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम को जैन आचार्य लोकेश मुनि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और आचार्य प्रज्ञसागर जी मुनिराज ने संबोधित किया.
‘अहिंसा से दुनिया की समस्याओं का समाधान’
जैन आचार्य लोकेश मुनि जी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा और अनेकांत दर्शन से युद्ध जैसी समस्याओं का समाधान संभव है. उन्होंने बताया कि जैन समाज ने शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और समाज सेवा के क्षेत्र में भारत के राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि अहिंसा, शांति, करुणा और अनेकांतवाद का संदेश आज पूरी दुनिया की दिशा बदल सकता है.
‘भगवान महावीर की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी जैन अनुयायियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाएं मौजूदा समय में बहुत ज्यादा प्रासंगिक हैं. अहिंसा, सत्य और तपस्या के सिद्धांत समाज में भाईचारा और नैतिकता को मजबूत बनाते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत इसी आध्यात्मिकता और समरसता से समृद्ध हुई है.
शिक्षाओं को जीवन में उतारना जरूरी
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांत हमें सिखाते हैं कि प्रेम और शांति से ही समाज आगे बढ़ सकता है. भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाना बहुत जरूरी है. इससे ही संतुलित और विकसित समाज का निर्माण हो सकता है.
महावीर जयंती उत्सव से ज्यादा प्रेरणा
परंपराचार्य श्री प्रज्ञसागर जी मुनिराज ने कहा कि महावीर जयंती केवल उत्सव नहीं है. यह भगवान महावीर के अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत सिद्धांतों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है. उन्होंने ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को आधुनिक समय में बहुत प्रासंगिक बताया.
इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और जैन समाज के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे. भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट और सकल जैन समाज द्वारा आयोजित इस समारोह को सफल बनाने में पंकज जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन और महेंद्र जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई.
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