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मैदान से हटने के बाद भी टीएमसी के जहांगीर खान को मिले वोट! जानिए क्या है ईवीएम का वो तकनीकी पेंच?

Jahangir Khan Falta: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा हुए चुनाव में भाजपा के देबांग्शु पांडा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है. उन्होंने इस चुनाव में 1 लाख से ज्यादा वोटों से विजयी हुए. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान ने मतदान से पहले ही चुनाव से हटने का ऐलान किया था, फिर भी उन्हें 7783 वोट मिले.

Jahangir Khan Falta

Jahangir Khan Falta

Jahangir Khan Falta: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा हुए चुनाव में भाजपा के देबांग्शु पांडा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है. उन्होंने इस चुनाव में 1 लाख से ज्यादा वोटों से विजयी हुए.

इस चुनाव में दूसरे नंबर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के शंभु नाथ कुर्मी रहे. उन्हें 40,645 वोट मिले. जबकि कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही. कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक को 10084 वोट मिले.

इस चुनाव में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला जहांगीर खान का रहा. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान ने मतदान से पहले ही चुनाव से हटने का ऐलान किया था, फिर भी उन्हें 7783 वोट मिले. सबसे बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि आखिर जब जहांगीर खान चुनाव से हट चुके थे तो उन्हें वोट कैसे मिले.

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान हुआ. फाल्टा विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मत पड़े. हालांकि चुनाव आयोग ने इस विधानसभा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर अनियमितता पाने के चलते मतदान को रद्द कर दोबारा मतदान कराने की घोषणा की.

जहांगीर खान पर उत्पीड़न का आरोप

फाल्टा के टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के खिलाफ बीजेपी पहले से मोर्चा खोल रखी थी. उनपर लगातार उत्पीड़न करने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगते रहे. जिसको देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान रद्द कर 21 मई को मतदान कराने का निर्णय लिया.

4 मई को बंगाल में बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार में आई. नई सरकार बनते ही जहांगीर खान के खिलाफ एक्शन शुरू हो गए. उनके खिलाफ कुल 5 केस दर्ज किये गए. हालांकि 18 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी.

इसके एक दिन बाद ही जहांगीर खान ने घोषणा की कि वो इस चुनाव से वो खुद को अलग कर रहे हैं. उनके पीछे हटने के बाद टीएमसी ने अपना बयान जारी कर बताया कि यह फैसला जहांगीर खान का अपना फैसला है, पार्टी का नहीं.

पिछे हटे फिर भी मिले वोट…पर क्यों?

फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को मतदान होने थे, लेकिन उससे 2 दिन पहले 19 मई को जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया. जहांगीर खान नाम वापस लेने में देर कर दी, जिसकी वजह से ईवीएम पर उनका नाम और टीएमसी का चुनाव चिन्ह बना रहा. जब लोग वोट डालने पहुंचे तो उनके पास टीएमसी को वोट डालने का विकल्प मौजूद रहा.

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जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिले में जबरदस्त पकड़ रखते हैं. उन्होंने लगातार 3 चुनाव और एक उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. इस वजह से टीएमसी ने उन्हें फिर से अपना उम्मीदवार बनाया था.

-भारत एक्सप्रेस



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