संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन पॉलिटिकल) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 131 दिनों के आमरण अनशन के बाद रविवार को फतेहगढ़ साहिब की सरहिंद अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत में अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि किसानों की मांग पर अनशन खत्म किया गया है.
केजरीवाल को जेल जाने का डर था: डल्लेवाल
डल्लेवाल ने AAP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल को जेल जाने का डर था, इसलिए आंदोलन को खत्म किया गया. पंजाब सरकार ने सुप्रीमो को बचाने के लिए बिका हुआ समझौता किया है.” उन्होंने बताया कि आंदोलन का उद्देश्य किसानों के हित में था और सरकार ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए समाप्त कराया.

आंदोलन को दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं
डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा, “हम कुछ विचारों पर एकजुट हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर भिन्नता है.” उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और यह किसानों के हित के लिए है.
शंभू-खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की कार्रवाई
19 मार्च को पंजाब पुलिस ने डल्लेवाल और अन्य किसानों को हिरासत में लेकर खनौरी और शंभू बॉर्डर खाली कराए. इसके बाद पुलिस ने किसानों के अस्थायी शेड और तंबुओं को बुलडोजर से हटाया. पुलिस ने भारी बल के साथ क्षेत्र को सुरक्षित किया और किसानों को हिरासत में लिया.

केंद्रीय मंत्री ने अनशन समाप्त करने की अपील की
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डल्लेवाल से अनशन खत्म करने की अपील की थी और किसानों से 4 मई को चंडीगढ़ में बैठक करने का वादा किया था. डल्लेवाल ने कहा, “केंद्रीय मंत्री की अपील के बाद किसानों की मांग पर अनशन समाप्त किया गया है.”
‘हमारा आंदोलन किसानों के हक के लिए था’
किसानों ने डल्लेवाल के अनशन समाप्त करने के फैसले का समर्थन किया है. उनका मानना है कि यह आंदोलन किसानों के हक के लिए था और अब भी उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया जाएगा.
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