भारत सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें वापस भेजने का फैसला किया है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता के आरोप में भारत भर में हिरासत में लिए गए लगभग 16,000 विदेशी नागरिकों को निर्वासित करने की तैयारी में है.
जिन देशों के नागरिकों को निर्वासित किया जाना है उनमें बांग्लादेश, फिलीपींस, म्यांमार, मलेशिया, घाना और नाइजीरिया शामिल हैं. इन विदेशी नागरिकों पर मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर परिवहन तक के अपराधों का आरोप है और वे वर्तमान में कई राज्यों में हिरासत में हैं.
NCB की रिपोर्ट के आधार पर की जा रहा कार्रवाई
हाल के दिनों में मादक पदार्थों के खिलाफ इसे भारत सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है. गृह मंत्रालय की यह कार्रवाई मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (NCB) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट पर आधारित है. मामले में शामिल व्यक्तियों की सूची गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों को पहले ही सौंप दी गई है. निर्वासन नए आव्रजन कानून के प्रावधानों के तहत किया जाएगा.
सरकार नशीले पदार्थों का सफाया के लिए दृढ़ संकल्पित है
मंगलवार (16 सितंबर) को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार देश से सभी प्रकार के नशीले पदार्थों का सफाया करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी नारकोटिक टास्कफोर्स (ANTF) के प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने यह भी कहा कि नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ कार्रवाई के पैमाने को बदलने का समय आ गया है ताकि आने वाले दिनों में और अधिक सफलताएं मिलें.
गृह मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को एक पूर्ण विकसित और महान राष्ट्र बनाने के लिए 2047 का लक्ष्य रखा है. प्रधानमंत्री मोदी के इस सपने को साकार करने के लिए देश को पूरी तरह सुरक्षित होना होगा.”
Modi government is determined to wipe out drugs from the nation. Addressing the 2nd National Conference of Heads of Anti-Narcotics Task Force (ANTF) of States & UTs. Watch Live! https://t.co/FXIYoJW5Sk
— Amit Shah (@AmitShah) September 16, 2025
-भारत एक्सप्रेस
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