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सैनिक राघवेंद्र कुमार सिंह के परिजन.
Kasganj news Today: उत्तर प्रदेश में कासगंज जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर पीरौंदा के एक फौजी की जान प्राकृतिक आपदा में चली वो फौजी थे- राघवेंद्र कुमार सिंह. वो सिक्किम में तैनात थे. वो 2004 में सेना में भर्ती हुए थे. पिछले दिनों ही सिक्किम में बादल फटने के कारण जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया. तीस्ता नदी में बाढ़ आ गई और सेना के ट्रक भी चपेट में आ गए.
सेना के ट्रकों में सवार कई सैनिक बाढ़ में बह गए. उनमें राघवेंद्र सिंह भी शामिल थे. आज उनका पार्थिव शरीर कासगंज लाया गया, तो स्थानीय लोगों की आंखें नम हो गईं. परिजनों की आंखों से आंसू बहने लगे. गमगीन माहौल में राघवेंद्र सिंह को सलामी देकर उनका अंतिम संस्कार किया गया. हालांकि, शर्मनाक बात यह थी कि सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, कासगंज विधायक देवेंद्र राजपूत सहित कासगंज डीएम, एसपी ने उनके गांव तक पहुंचने की जहमत नहीं उठाई.
6 महीने पहले सिक्किम में हुई थी पोस्टिंग
गांववालों ने बताया कि राघवेंद्र सिंह की पोस्टिंग 6 महीने पहले सिक्किम में हुई थी. वे 14 दिन पहले सेना के ट्रक में सवार होकर फौजियों की टुकड़ी लेकर जा रहे थे. तभी वहां बादल फटने से सिक्किम की तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई और सैनिक और ट्रक सब बह गये. बचाव-अभियान के दौरान कई सैनिकों के शव मिले, लेकिन राघवेंद्र सिंह लापता थे. उनकी तलाश में सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया. 13 दिन बाद उनका शव मिला.
छह वर्षीय बेटे ने दी शव को मुखाग्नि
सेना ने राघवेंद्र सिंह के शव को गांव पहुंचाया, तो आमजन उनको श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़े. आगरा से आये सेना के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ शहीद राघवेंद्र को अंतिम सलामी दी. उसके बाद छह वर्षीय बेटे जगत प्रसाद ने पिता के शव को मुखाग्नि दी. इस दौरान लोग गमगीन थे. परिवार के लोग भी रोते बिलखते रहे. बच्चों का भी रो-रो कर बुरा हाल था. संवाददाता के मुताबिक, इस दौरान क्षेत्रीय सांसद, विधायक सहित आला अधिकारी नदारद रहे.
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कासगंज के भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी ने कहा कि राघवेंद्र सिंह पर उन्हें गर्व है. स्थानीय निवासी गिरीश कुमार ने कहा- राघवेंद्र को 6 साल बच्चे ने मुखाग्नि दी. वह अपने देश की सेवा करते हुए समर्पित हुए.
(जुम्मन कुरैशी)
— भारत एक्सप्रेस
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