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घाटी के लोगों को 440 वोल्ट का झटका! बिजली के दाम हुए हाई, उमर अब्दुल्ला की लगी ‘क्लास’

JERC ने जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में औसतन 6.83% बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जो 1 सितंबर 2026 से लागू होगी. फैसले के बाद BJP, PDP और पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादे से पलटने का आरोप लगाया है.

जम्मू-कश्मीर में बिजली दरें 6.83% बढ़ीं

J&K Electricity Rate Hike: जम्मू-कश्मीर की सत्ता में काबिज नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ विपक्षी दलों ने चौतरफा मोर्चा खोल दिया है. जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (JERC) द्वारा जम्मू-कश्मीर में बिजली की दरों में औसतन 6.83 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दिए जाने के बाद पूरी घाटी और जम्मू संभाग में सियासी उबाल आ गया है. 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली इन नई दरों ने आम जनता की जेब पर सीधा डाका डाला है.

चुनाव के दौरान ‘200 यूनिट मुफ्त बिजली’ का लुभावना वादा करके सत्ता में आई उमर अब्दुल्ला सरकार अब अपने ही वादों के जाल में फंसती नजर आ रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP), पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) और पीपल्स कॉन्फ्रेंस (PC) समेत तमाम विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जबरदस्त ‘क्लास’ लगा दी है.

जम्मू से लेकर कश्मीर तक मचा बवाल(J&K Electricity Rate Hike)

बिजली दरों में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरे जम्मू संभाग में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. J&K बीजेपी अध्यक्ष सत शर्मा और स्थानीय सांसद जुगल किशोर के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पुतले फूंके और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव जीतने के लिए जनता को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का सपना दिखाया था, लेकिन सत्ता में आते ही आम परिवारों पर महंगाई का 440 वोल्ट का झटका दे दिया.

वहीं बीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि यह जन-विरोधी फैसला वापस नहीं लिया गया, तो 31 अगस्त 2026 को पूरे प्रदेश के कार्यकर्ता जम्मू में नागरिक सचिवालय का ऐतिहासिक घेराव करेंगे.

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विपक्षी पार्टियों ने जमकर लताड़ा

उमर सरकार की इस कार्रवाई पर घाटी के क्षेत्रीय छत्रपों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है. पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सरकार की “पुरानी चालबाजी” करार दिया. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी पहले टैरिफ बढ़ाकर जनता की जेब खाली करती है और फिर बाद में मामूली राहत का नाटक करके राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश करती है.

वहीं, PDP के युवा नेता वहीद-उर-रहमान पारा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को टैग करते हुए सवाल दागा कि “बेरोजगारी और महंगाई के इस दौर में मुफ्त बिजली, मुफ्त राशन और मुफ्त गैस का वादा करने वाली सरकार ने जनता को सिर्फ भारी-भरकम बिल थमा दिए हैं.” बडगाम से PDP विधायक आगा मुंतज़िर मेहदी ने भी सरकार को पूरी तरह ‘जन-विरोधी’ करार दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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