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बहुविवाह पर रोक और बेटियों को बराबर का हक; MP कैबिनेट में आएगा UCC का नया ड्राफ्ट

मध्य प्रदेश सरकार 19 जुलाई को कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट पेश करेगी, जिसे मानसून सत्र में पास कराने की तैयारी है.

MP UCC Bill Madhya Pradesh Government To Present UCC Draft In Cabinet

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MP UCC Bill: उत्तराखंड के बाद अब मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. मोहन यादव सरकार आगामी 19 जुलाई को होने वाली एक विशेष कैबिनेट बैठक में यूसीसी (UCC) का फाइनल ड्राफ्ट पेश करने जा रही है. भोपाल के पास जगदीशपुर में होने वाली इस बैठक में हरी झंडी मिलने के बाद, सरकार इसे 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में बिल के रूप में पेश करेगी.

आदिवासियों को मिलेगी बड़ी छूट

मध्य प्रदेश के यूसीसी ड्राफ्ट में आदिवासी आबादी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. सूत्रों के अनुसार, ड्राफ्ट में साफ सिफारिश की गई है कि अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाए. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आदिवासियों की सदियों पुरानी पारंपरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था पर कोई आंच न आए.

ड्राफ्ट में क्या है खास?

बहुविवाह पर पूरी रोक: कानून लागू होने के बाद राज्य में कोई भी व्यक्ति बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी नहीं कर सकेगा. बहुविवाह पर पूरी तरह से पाबंदी होगी.

बेटियों को संपत्ति में बराबर हक: पैतृक और उत्तराधिकार संपत्ति के मामले में अब बेटों और बेटियों के बीच का फर्क खत्म हो जाएगा. लड़कियों को भी बेटों के बराबर कानूनी अधिकार मिलेगा.

लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन: ड्राफ्ट में पहली बार लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं. अब लाइव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

शादी-तलाक और गोद लेने के नियम एक समान: सभी धर्मों के नागरिकों के लिए शादी, तलाक, गुजारा भत्ता और बच्चा गोद लेने की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी तरह से एक समान और पारदर्शी हो जाएंगी.

बुजुर्ग माता-पिता को सुरक्षा: अगर बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को बेसहारा छोड़ते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी इसमें शामिल है.

9.5 लाख से ज्यादा लोगों ने दिए सुझाव

इस ऐतिहासिक ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी ने 3 भागों में तैयार किया है. इस ड्राफ्ट को बनाने से पहले राज्य के लोगों से राय मांगी गई थी, जिसके बाद कमेटी को पोर्टल और बैठकों के जरिए करीब 9.58 लाख से अधिक सुझाव मिले. इन्हीं जनता के सुझावों को ध्यान में रखकर यह पूरा कानून तैयार किया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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