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ज्ञानेश कुमार विवाद पर सांसद मनोज झा का तंज, समिक भट्टाचार्य को भारत रत्न मिल जाना चाहिए

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को लेकर कहा कि यह मामला अब केवल विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच की राजनीतिक लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि नागरिकों से भी जुड़ा विषय है.

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक गलियारों से आगे बढ़कर नागरिकों के बीच भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा है कि इस पूरे मामले को अब केवल विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच की राजनीतिक खींचतान के तौर पर नहीं देखा जा सकता. उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवाल सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़े हैं.

नई दिल्ली में बातचीत के दौरान मनोज झा से सीईसी के खिलाफ विपक्ष की ओर से महाभियोग की तैयारी को लेकर सवाल पूछा गया. जवाब में उन्होंने कहा कि महाभियोग एक संवैधानिक विकल्प है और विपक्ष इससे जुड़ा प्रस्ताव पहले भी सामने रख चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं. उनके अनुसार, अदालत के सामने मौजूद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्वत: संज्ञान भी ले सकता है.

चुनाव से ज्यादा चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का सवाल

मनोज झा ने कहा कि अब चर्चा केवल अगले चुनाव या किसी एक चुनावी नतीजे तक सीमित नहीं है. सवाल इस बात का है कि देश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों का भरोसा किस तरह कायम रखा जाए. उनका कहना था कि नागरिक भी इस मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति और प्रतिक्रिया तय करेंगे.

राजद सांसद ने यह भी दावा किया कि सवाल सिर्फ विपक्ष की तरफ से नहीं उठ रहे हैं. उनके मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल कुछ दलों की ओर से भी इस विषय पर सवाल सामने आए हैं.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और सांसद उपेंद्र कुशवाहा का जिक्र करते हुए कहा कि तेलुगु देशम पार्टी की ओर से भी इस मामले में बातें सामने आई हैं. इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के प्रमुख विपक्षी नेता जगन मोहन रेड्डी की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया.

मनोज झा का कहना था कि इन सवालों को महज खारिज करने के बजाय उनका गंभीरता से जवाब दिया जाना चाहिए. उनके अनुसार, चुनाव जैसी संवेदनशील संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्टता जरूरी है.

पद्म भूषण की मांग पर मनोज झा का तंज

इस बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग पर भी मनोज झा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस मांग पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर समिक भट्टाचार्य के पास इतनी जानकारी और समझ है, तो उन्हें भारत रत्न भी मिल जाना चाहिए.

मनोज झा ने आरोपों के संदर्भ में तंज कसते हुए कहा कि इस मामले से जुड़ी खबरें सामने आती रही हैं और उनका कोई खंडन नहीं किया गया है. इसके बावजूद ऐसी मांग की जा रही है. इसी संदर्भ में उन्होंने एक राजनीतिक संदेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोगों के मन में इसका अर्थ कुछ और निकाला जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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