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Parliament: संसद में सिक्योरिटी को चकमा देने वाली कौन है नीलम? किसान आंदोलन में हुई थी सक्रिय, मां बोली- बेरोजगारी को लेकर…

Neelam: . नीलम के भाई का कहना है कि वह बेरोजगारी के खिलाफ हैं और वह किसान आंदोलन के दौरान गांव वालों के साथ वहां जाया करती थीं.

NEELAM

संसद के बाहर नीलम की तस्वीर

Parliament security breach: संसद में सुरक्षा की चूक में मामने में पुलिस ने अभी तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इसमे एक लड़की भी शामिल है जिसका नाम नीलम है. उसने संसद के बाहर प्रदर्शन किया था. अब नीलम को लेकर नई-नई बातें सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर उसके कई पुराने वीडियो सामने आए हैं. एक वीडियो में ऐसा दावा किया जा रहा है कि उसने एक रैली में कांग्रेस को चुनाव जीताने के लिए समर्थन किया. इसके अलावा अब यह भी कहा जा रहा है कि नीलम ने किसान आंदोलन से लेकर कई दूसरे धरनों प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है. हालांकि नीलम के परिवार का कहना है कि वह किसी भी संगठन से जुड़ी हुई नहीं हैं.

बता दें कि नीलम काफी ज्यादा पढ़ी लिखी हैं, लेकिन वह खुद बेरोजगार बता रही हैं. नीलम के भाई ने जानकारी देते हुए बताया है कि उसने BA, MA, B.Ed, M.Ed, CTET, M.Phil and NET कर रखा है और अब वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रही हैं.

सिविल सविर्सेज की तैयारी कर रही नीलम

नीलम हरियाणा की जींद जिले के उचाना के गांव घसो खुर्द की रहने वाली है. वह हिसार के पीजी में रह कर सिविल सविर्सेज की तैयारी कर रही हैं. नीलम के भाई का कहना है कि वह बेरोजगारी के खिलाफ हैं और वह किसान आंदोलन के दौरान गांव वालों के साथ वहां जाया करती थीं. इसके अलावा वह कई बार धरना प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हो चुकी हैं. इसके अलावा यह भी जानकारी मिली है कि वह पिछले दिनों गांव में लाइब्रेरी चला रही थीं और बच्चों को पढ़ाती थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसक पर ऐतराज जताया. इसके बाद उन्होंने पढ़ाना बंद कर दिया. इस दौरान उनके एक संगठन चलाने की भी बात सामने आई. लेकिन इसकी औपचारिक जानकारी नहीं है. वहीं नीलम के परिजनों ने साफ कहा है कि वह किसी भी संगठन से जुड़ी हुई नहीं हैं.

‘बेरोजगारी को लेकर चिंतित थी’

वहीं नीलम की मां का कहना है, “वह बेरोजगारी को लेकर चिंतित थी. मैंने उससे बात की थी लेकिन उसने मुझे दिल्ली के बारे में कभी कुछ नहीं बताया. वह मुझसे कहती थी वह इतनी उच्च योग्य है लेकिन उसके पास कोई नौकरी नहीं है, इसलिए मर जाना बेहतर है”.

नीलम ने क्या कहा?

वहीं जब नीलम ने संसद के बाहर प्रदर्शन कर रही थीं तब उन्होंने मीडिया से कहा था कि, “मेरा नाम नीलम है. भारत सरकार जो हम पर अत्याचार कर रही है, लाठी डंडे चल रही है. अंदर डाला जा रहा है. टॉर्चर किया जा रहा है. हमारे पास और कोई मध्यम नहीं बचा है. हम स्टूडेंट है. हमारा किसी संगठन से संबंध नहीं है. तानशाही बंद करो.

– भारत एक्सप्रेस

 



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