Parliament session 2023: विपक्ष का प्लान तैयार! सरकार लेकर आएगी 19 बिल, इन 3 विधयकों पर हंगामे के आसार

Parliament Winter session: आज संसद में हंगामे के भी आसार हैं, क्योंकि आज सरकार आचार समिति की रिपोर्ट पेश करेगी. जिसमें टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के आरोप में निष्कासित करने की सिफारिश की गई है.

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संसद (फोटो फाइल)

Parliament Winter session: 5 राज्यों के विधासनभा चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं. वहीं आज यानी की सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. सभी की इस पर नजरें टीक हुई हैं कि सरकार कौन से विधयेक संसद में पेश कर सकती है. तीन राज्यों में सरकार बनाने के बाद बीजेपी एक्टिव मोड में हैं. वहीं विपक्ष सरकार को मणिपुर और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर संसद में चर्चा चाहता है. इसके अलावा आज संसद में हंगामे के भी आसार हैं, क्योंकि आज सरकार आचार समिति की रिपोर्ट पेश करेगी. जिसमें टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के आरोप में निष्कासित करने की सिफारिश की गई है.

वहीं सत्र की शुरुआत से पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि, ” आज शीतकालीन सत्र का पहला दिन है और अगर विपक्ष चाहता है तो सरकार हर मुद्दों पर चर्चा करेगी.”

22 दिसंबर तक चलेगा सत्र

बता दें कि सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष के सभी मुद्दों पर रचनात्मक तौर पर चर्चा करने की बात कही थी. उन्होंने बताया कि 19 विधेयक और दो वित्तीय विषय विचाराधीन है. जिन पर सत्र के दौरान चर्चा की जाएगी. प्रह्लाद जोशी ने बताया कि संसद का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेगा. इस 19 दिनों में 15 बैठकें की जाएंगी.

इन बिल पर सबकी रहेगी नजर

खबरों के मुताबिक सरकार आज सदन में कुल 19 बिल लाने की तैयारी कर रही है. जिसमें सबसे अहम मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त विधेयक. इस बिल में एक पैनल के जरिए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किया जाएगा. इसके अलावा सरकार अंग्रेजों के समय में बने तीन अपराधिक कानून- भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को बदलने वाले विधायक को पेश कर सकती है.

विपक्ष के कौन से मुद्दे

राज्यसभा में सदन के उपनेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि सदन में हम जीन द्वारा हमारी जमीन हड़पने, महंगाई, बेरोजगारी और सरकारा द्वारा ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का इस्तेमाल करना शामिल हैं.

– भारत एक्सप्रेस

 

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