बिहार चुनाव में जीत के बाद एनडीए के ‘विजय रथ’ को आगे बढ़ाने के मकसद से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 28 दिसंबर से चार राज्यों का दौरा करने वाले हैं. उनकी यात्रा असम से शुरू होकर चुनावी राज्यों में होगी. वे दो हफ्ते का दौरा शुरू करने वाले हैं. पार्टी के एक नेता ने इसकी जानकारी दी है. भाजपा नेता ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले साल असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक बड़ी रणनीति बनाई है.
पार्टी के संगठन इकाई के पदाधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री 28 और 29 दिसंबर को असम, 30 और 31 दिसंबर को पश्चिम बंगाल, जनवरी के पहले हफ्ते में तमिलनाडु और जनवरी के दूसरे हफ्ते में केरल का दौरा करेंगे.
गृह मंत्री अमित शाह इन राज्यों में चुनाव होने तक हर महीने कम से कम दो दिन बिताएंगे और जीत की रणनीतियों पर काम करेंगे, क्योंकि इन चार राज्यों में से तीन में अभी गैर-एनडीए सरकार है. उन्होंने कहा, “चुनाव वाले राज्यों के दौरे के दौरान, गृह मंत्री संगठन की बैठकें करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि पन्ना प्रमुखों को सक्रिय करने और ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ योजना को लागू करने पर फोकस होगा.
शाह का चुनावी मास्टर प्लान
पार्टी सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री शाह हाल ही में बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत को दोहराने की तैयारी कर रहे हैं, भले ही महागठबंधन ने चुनावी रोल के एसआईआर के खिलाफ अभियान चलाया हो. अमित शाह ने बार-बार खुद को एनडीए की चुनावी जीत के पीछे मुख्य रणनीतिकार साबित किया है. उन्होंने एनडीए के राष्ट्रीय चुनावी प्रतीक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द बनी राज्य-विशिष्ट रणनीतियों को सावधानी से तैयार किया है.
एनडीए सहयोगियों के साथ तालमेल के अलावा, केंद्रीय मंत्री के जीतने के फाॅर्मूले में बागियों से बात करने और उन्हें शांत करने की एक मजबूत रणनीति भी शामिल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे निर्दलीय चुनाव लड़कर गठबंधन के वोट शेयर को नुकसान न पहुंचाएं.
चुनावों के लिए गृह मंत्री की रणनीति
माना जाता है कि बिहार चुनावों में अमित शाह ने व्यक्तिगत रूप से लगभग 100 बागियों की बात सुनी थी, जो पार्टी के हितों के खिलाफ काम कर रहे थे. एक पार्टी नेता के अनुसार, गृह मंत्री शाह का चार राज्यों का आगामी दौरा जमीनी हकीकत जानने, ज्वलंत मुद्दों की पहचान करने और विरोधी पार्टियों के नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए पहले से तैयारी करने की एक कवायद भी होगा.
एक पार्टी नेता ने कहा कि गृह मंत्री शाह एसआईआर, रोजगार दर और अन्य सामाजिक-आर्थिक मुद्दों जैसे मामलों पर विरोधी पार्टियों द्वारा अपनाई जा रही झूठ की राजनीति को खत्म करने की जरूरत के प्रति भी सचेत हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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