Bharat Express DD Free Dish

सिर्फ राजनीतिक मुलाकातें नहीं, पीएम मोदी के हर ‘गिफ्ट’ के पीछे छिपा होता है एक बड़ा सीक्रेट; जानिए क्या है ये कहानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं सिर्फ कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनमें भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं सिर्फ राजनीतिक मुलाकातों या समझौतों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि अक्सर वे अपने साथ एक खास तरह की “गिफ्ट डिप्लोमेसी” भी लेकर चलते हैं. हाल ही में उनकी रोम यात्रा के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को पार्ले की ‘मेलोडी’ टॉफी भेंट करने की चर्चा खूब रही. देखने में यह एक साधारण उपहार लग सकता है, लेकिन इसके पीछे संदेश हमेशा खास होता है.

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही नरेंद्र मोदी ने विदेशों में भारत की सांस्कृतिक पहचान को नए तरीके से पेश करने की कोशिश की है. उनकी इस पहल का सबसे मजबूत उदाहरण ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ का उपहार के रूप में चयन रहा है. खास बात यह है कि यह सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत के दर्शन, कर्तव्य और जीवन दृष्टि का प्रतीक माना जाता है.

दुनिया के नेताओं तक गीता का संदेश

अपने पहले अमेरिकी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की थी. यह संस्करण खास तौर पर तैयार किया गया था, जिसमें गीता के संदेशों को अंग्रेजी में सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया था. उस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों में एक भावनात्मक मोड़ के रूप में भी देखा गया.

इसी तरह 2014 में जापान यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के सम्राट अकिहितो और तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे को भगवद्गीता की प्रतियां भेंट की थीं. ये संस्करण जापानी भाषा में थे, ताकि वहां के लोग भी इसके संदेश को सीधे समझ सकें.

रूस और गीता का संदेश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भगवद्गीता की एक रूसी भाषा में लिखी प्रति उपहार स्वरूप दी थी. इस मौके पर उन्होंने कहा था कि गीता के उपदेश दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करते हैं और यह जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन देते हैं.

पीएम मोदी की यह शैली सिर्फ औपचारिक उपहार देने तक सीमित नहीं है. इसके पीछे एक स्पष्ट सोच नजर आती है. वे कई बार सार्वजनिक मंचों पर भी भगवद्गीता के श्लोकों का जिक्र करते हैं और यह बताते हैं कि कैसे इसके विचार न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी मार्गदर्शक बन सकते हैं.

ये भी पढ़ें: भारत दौरे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानिए पीएम मोदी संग मुलाकात में क्या रहा खास

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read