आज 1 मई है, यानी गौरवशाली महाराष्ट्र का स्थापना दिवस. आज के दिन पूरा महाराष्ट्र अपनी माटी, अपनी संस्कृति और अपने इतिहास का जश्न मना रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के अपने “भाई-बहनों” को खास अंदाज में बधाई दी है. उन्होंने न केवल राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि भारत के निर्माण में महाराष्ट्र के अतुलनीय योगदान को भी याद किया.
साहित्य से लेकर सिनेमा तक: महाराष्ट्र का जलवा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में महाराष्ट्र की उस ‘मल्टी-टैलेंटेड’ पहचान का जिक्र किया, जो उसे देश के बाकी राज्यों से अलग खड़ा करती है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का इतिहास केवल वीरता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक समृद्धि में भी यह राज्य हमेशा सबसे आगे रहा है.
Best wishes to my sisters and brothers of Maharashtra on Maharashtra Day. Maharashtra has a long history of social awakening, cultural richness and leadership across sectors. From literature, theatre, music and cinema to industry, education, science and public service, the state…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 1, 2026
पीएम मोदी ने कला और संस्कृति, उद्योग, शिक्षा, लोक सेवा और सामाजिक सुधारों जैसे उन सभी क्षेत्रों की लंबी लिस्ट गिनाई जहां महाराष्ट्र ने देश का नेतृत्व किया है.
विकास और कल्याण के लिए की प्रार्थना
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट के जरिए महाराष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की. उन्होंने राज्य के लोगों के उज्ज्वल भविष्य और उनके कल्याण के लिए प्रार्थना करते हुए ‘जय महाराष्ट्र’ के नारे के साथ अपनी बात पूरी की. ये संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे राज्य के प्रति प्रधानमंत्री के लगाव के तौर पर देख रहे हैं.
क्यों खास है 1 मई?
बता दें कि 1 मई 1960 को ही बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम के तहत भाषा के आधार पर महाराष्ट्र राज्य का गठन हुआ था. तब से लेकर आज तक, यह दिन हर महाराष्ट्रीयन के लिए गर्व का प्रतीक है. आज मुंबई से लेकर नागपुर और पुणे तक, हर जगह ‘मराठी अस्मिता’ का रंग देखने को मिल रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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