PM Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर यजुर्वेद का एक अत्यंत पावन और प्रेरणादायी मंत्र साझा किया है. पीएम मोदी की यह खास पहल देश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने और वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़ने की उनकी नियमित परंपरा का ही एक हिस्सा है.
क्या है यजुर्वेद का यह मंत्र?
प्रधानमंत्री में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंजल पर पोस्ट करते हुए लिखा :
तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्।
अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥ pic.twitter.com/hB4MEzeWC9
— Narendra Modi (@narendramodi) August 27, 2026
‘तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्.
अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥’
क्या है मंत्र का अर्थ?
व्यावहारिक हिंदी में इस मंत्र का भावार्थ यह है कि मनुष्य को हमेशा शुभ और पवित्र कर्मों के तंतु (धागे) को आगे बढ़ाते रहना चाहिए. सूर्य की किरणों की भांति प्रकाश के मार्ग पर चलना, बुद्धि से तैयार किए गए सत्य के रास्ते की रक्षा करना और बिना किसी दोष या पाप के अपने कर्मों को बुनना ही सच्चा धर्म है. यह मंत्र हमें एक विचारशील मानव (मनु) बनने और समाज में दिव्य गुणों से युक्त नागरिकों का निर्माण करने की सीख देता है.
वीडियो के जरिए दिया सजीव रूप
पीएम मोदी ने इस पावन मंत्र के साथ एक बेहद खूबसूरत वीडियो भी साझा किया है. इस वीडियो में प्राचीन भारतीय संस्कृति, जगमगाते दीपों और भव्य मंदिर जैसे प्रतीकों के जरिए मंत्र के गहरे संदेश को बेहद सजीव रूप में पर्दे पर उतारा गया है.
संस्कृत पाठ के साथ-साथ दर्शकों की सहूलियत के लिए हिंदी और अंग्रेजी में भी इसका अर्थ समझाया गया है. यह वीडियो मुख्य रूप से उत्तम कर्म करने, अपनी समृद्ध परंपराओं के संरक्षण और समाज में विचारशील व सदाचारी नागरिकों के निर्माण पर जोर देता है.
सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर सोशल मीडिया के जरिए वैदिक सूक्तियों और श्लोकों को साझा करते रहते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि देश का हर नागरिक अपने समृद्ध इतिहास और ज्ञान-मार्ग से जुड़े, ताकि एक नैतिक, चरित्रवान और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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